Friday, 19 January 2018

जवान लड़के की Real Life Inspirational Story In Hindi

True Life Inspirational Story In Hindi

जवान लड़के की Real Life Inspirational Story In Hindi : इस Story को हम read करेंगे। इससे पहले पापा मैं फर्स्ट आया हु Inspirational Story In Hindi और हिरणी की बुद्धिमत्ता। Short Inspirational Hindi Story और हमने एक बहुत अच्छी पोस्ट 12 महीनो के नाम कैसे रखे गये । Origin Of 12 Months Name read की है। यह कहानी आपको ज़रूर पसंद आएँगी आप इसे पूरा पढ़े। इस Story को हम पढ़े अपने Students हो तो उनको या अपने बच्चो को तो ज़रूर सुनाये।

Real Inspirational Hindi Story

                  अकबर बादशाह का नाम तो आपने सुना ही होंगा। यह उसकी वक़्त की बात है जब अकबर आगरा में रहता था। एक दिन एक जवान लड़का काम की तलाश में अकबर बादशाह के दरबार में आया। वह बहुत होशियार था। वह सभी बातो में महारत रखता था। जब उसे अकबर के पास लाया गया तो बादशाह ने कुछ सवालात उससे पूछे लड़के ने सभी सवालों के ज़वाब दिए। कुछ देर बाद बादशाह ने कहा की तुम बहुत होशियार हो आज से तुम्हे अपने मुर्गीयो की देख भाल के लिए तय करता हूँ। लड़का यह सुनकर अपनी बताई हुयी जगह पर चला गया। उसको काम तो मिल गया लेकिन फिर भी वह उदास था। क्युकी उसे दरबार में ऊँचे पद पर पहुंचना था।

             दुसरे दिन से वह लड़का अपने काम पर लग गया। कुछ महीनो बाद अकबर ने मुर्गियों का हिसाब देख रहा था ताकि मालुम हो की कितना खर्च हुआ है वह यह देख कर बहुत हैरान हुआ की दो महीनो में मुर्गियों पर कुछ भी खर्च नहीं हुआ है। उसने दुसरे मुर्गियों को देखने का इरादा किया। जब वह मुर्गियों के पास पहुंचा तो उसे यह देख कर आशचर्य हुआ की मुर्गियाँ पहले कही ज्यादा मोटी ताज़ी तैयार। उसने लड़के से पुछा मैंने देखा है पिछले दो महीनो से मुर्गियों की खाद पर कुछ भी खर्च नहीं हुआ है फिर यह मुर्गिया इतनी स्वस्थ क्यों है?

             लड़के ने जवाब दिया मैं उनकी खाद पर ज्यादा खर्च नहीं करता हूँ मैं उन्हें गोदाम से बचे हुए दाने और नान के टुकड़े और फलो के छिलके देता हूँ और यह उसी का परिणाम है। अकबर मुस्कुराने लगा। लडके ने सोचा बादशाह मुझसे खुश है वह मुझे अपने दरबार में ऊंचा पद देंगा। लेकिन कुछ ही मिनटों में उसकी उम्मीदों का खात्मा हो गया। बादशाह ने कहा : आज से मैं तुम्हे अपनी पुस्तकालय की सुरक्षा के लिए भेजता हूँ लड़का बादशाह को सलाम करके पुस्तकालय की तरफ चल पड़ा।



                कुछ महीनो बाद बादशाह अपने वज़ीरो को लेकर पुस्तकालय का निरिक्षण करने आया उसे यह देख कर आश्चर्य हुआ की पुस्तकालय की हर पुस्तक पर खुबसूरत रेशम का कपडा चढ़ा हुआ है। पुस्तकालय में कई पुस्तके है तुमने इनकी त्वचा बनाने में बहुत पैसे खर्च किये होंगे। लड़के ने कहा मैंने इनकी त्वचा बनाने में कुछ भी खर्च नहीं किया है लोग जो अपने पत्र कागज़ पर लिख कर लाते है उनपर रेशम का कपडा लगा हुआ होता है बाद में उस कपडे को फ़ेंक दिया जाता है मैंने उस कपड़े को खोलकर इन पुस्तको पर लगा लिया है।



                        अकबर बादशाह ने आगे बढ़ कर लड़के की पीठ थपथपाई और कहा : तुम ने परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है मैं तुम्हारे कार्य से बहुत मैं खुश हूँ कल से मैं तुम्हे अपना दरबारी बनता हूँ। इस तरह उस लड़के की इच्छा पूरी हो गयी। कइ सालो बाद उसी लड़के ने अकबर ने दरबारियो में मुल्ला दो प्याज़े के नाम से परसिद्धि पाई। मुल्ला दो प्याज़े अकबर के नवरत्नों में से एक था।



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