Wednesday, 21 February 2018

Blood Group In Hindi। Universal Donor

Introduction To Blood Group

हर आदमी से यह उम्मिद की जाती है के वे अपने Identy Card पर Blood Group लिख रखे। इसका benefit यह होता है के accident वगैरा की हालत में उस ग्रुप का Blood लाकर patient की जान बचाई जाये।

     यूं तो देखने में सब का Blood एक जैसा होता है लेकिन यह हकीकत में अलग होता है। हर व्यक्ति के खून में अलग अलग प्रकार के antigen होते है। Antigen एक प्रकार के protien होते है। Antigen की वजह से ही इंसान के शरीर के Blood के अलग अलग Groups होते है।

Investigation Of Blood Group

         Blood Group की Investigation 1901 में Dr.Karl Land Steiner ने की थी। उन्होंने पहले A और B दो types के antigen की खोज की थी। इस खोज पर उन्हें 1930 में नोबल इनाम दिया गया। Dr.Karl Land Steiner की खोज के आधार पर कहा गया के जिस व्यक्ति के Blood में A टाइप के antigen होते है उसके खून को A Group कहा जाता है। फिर जिसके खून में B टाइप के antigen होते है उसके खून को B ग्रुप कहते है।

    कुछ दिनों बाद पता चला के कुछ व्यक्तियों के Blood में A B दोनों types के antigen होते है तो इस खून को AB Group नाम दिया गया। बाद में ये देखा गया की कुछ व्यक्तियों के खून में A और B में से कोई antigen नहीं होता ऐसे व्यक्ति के खून को O Group नाम दिया गया।

   इस प्रकार से सभी व्यक्तियों का खून A , B और AB और O नाम के groups में बाँट दिया गया। Karl Land Steiner की खोज के आधार पर जो Blood के ग्रुप  बनाये गये है इसका ज्ञान सब के लिए ज़रूरी है। Blood Groups का ज्ञान इस लिए भी ज़रूरी है के सगे भाई बहन का खून भी अलग अलग होता है दूसरी तरफ अनजान व्यक्ति का खून भी एक जैसा होता है।

Universal Donor Blood Group


     A group का Blood A और AB Group वाले व्यक्ति को दिया जा सकता है। AB Group का खून सिर्फ AB Group के व्यक्ति को ही दिया जा सकता है O Group का Blood O और AB वाले किसी भी व्यक्ति को दिया जा सकता है। इस group वाले Donor को Universal Donor कहते है यानी वह किसी को भी Blood दे सकता है। इसी तरह A group वाला व्यक्ति O और A group से खून ले सकता है। B group वाला B और O से , O group वाला O से और AB ग्रुप वाला व्यक्ति O और AB किसी से भी खून ले सकता है।

    अगर गलती से एक गलत group का खून देने से कसी पेशेंट की मौत हो सकती है।

Biography Of Karl Land Steiner


   Blood Groups की खोज करने वाला Dr.Karl Land Steiner का जन्म Austrailia में 14 जून 1868 को हुआ था। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेटना से Pathology में 1891 में डिग्री ली। फिर उन्होंने 5 सालो तक मुय्न्ख के research centre में काम किया। 1878 से 1908 तक Land Steiner वेटना यूनिवर्सिटी के Pathological Anatomy Department में काम करते रहे। 1911 में वो Profferssor बने फिर 1922 में New York में रॉक फेलर इंस्टिट्यूट फॉर मेडिकल रिसर्च में आगये। यही वह अपने ज़िन्दगी के आखरी वक़्त तक रहे।

    Land Steiner ने 1937 में अलेक्सेंडर एसी, वेज़े के साथ रेसी फैक्टर की खोज की। Land Steiner ने ही Polio Virus की खोज की थी। Karl Land Steiner की मौत 26 जून 1943 को New York में हई।

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