Thursday, 1 March 2018

ईमानदारी और धीरज का फल हिंदी कहानी Hindi Story

ईमानदारी और धीरज का फल Hindi Story : आज हम इस Interesting कहानी में पढ़ेंगे की ईमानदारी और धीरज से इंसान अपनी मंजिल तक कैसे पहुंच सकता है। इससे पहले हमने बहुत सी कहानियां पढ़ी पानी कहा गया सच्ची कहानी । Best True Hindi Story और Real life Inspirational Story भी आप पढ़े।

            ईमानदारी और धीरज का फल हिंदी कहानी 

एक गाँव में एक किसान रहता था जो गरीब था। उसका एक खेत था वह उसमे महेनत करके अपनी ज़िन्दगी गुजार रहा था। उसको दो लड़किया थी और वह जवान होगयी थी किसान पर शादी का बोझ बढ़ता जा रहा था किसान दिन रात महेनत करता और अपनी लड़कियों की शादी के लिए पैसा जमा करता था। बहुत मुश्किल से ज़िन्दगी का गुज़ारा होरहा था गाँव के लोग उसका मज़ाक उदा रहे थे गरीबी की वजह से बेटियों का रिश्ता नहीं आ रहा था इसलिए किसान बहुत परेशान रहता था। एक दिन वे होने खेत में जाकर काम करने लगा अचानक उसकी नज़र एक पेड़ के नीचे कुछ चमकती हुयी चीज़ दिखाई दी। किसान ने करीब जाकर देखा तो सोने की अंगूठी पड़ी है जो बहुत क़ीमती थी किसान वह अंगूठी लेकर घर गया तो उसकी बीवी अंगूठी देख कर बहुत हैरान हुयी की इतनी क़ीमती अंगूठी कहा मिली ?
                 उसी गाँव में एक राजा रहता था वह अंगूठी उसी की खो गयी थी राजा को वह अंगूठी बहुत पसंद थी राजा ने गुस्से में आकर सिपाहियों को हुक्म दिया था की अंगूठी मिल जानी चाहिए वैना आपको कड़ी सजा होंगी। सिपाही सब तरफ तलाश करने लगे गाँव के कोने कोने में तलाश करने निकल पड़े उसी बीच वे किसान के खेत में पहुंचे और बाते करने लगे की राजा इस तरफ से गया था यही कही अंगूठी गिर गयी हो। किसान ने यह बात सुनी और घर जाकर अपनी बीवी को बताई। बीवी ने कहा की तुम्हे महल जाकर राजा को यह अंगूठी वापस कर देनी चाहिए वैसे भी हम इस अंगूठी का क्या करेंगे। किसान ने सोचा की  उसकी बीवी ठीक कह रही है उसने वैसा ही किया। किसान ने राजा के पास जाकर कहा की मेरे खेत यह अंगूठी मिली थी मैंने दो आदमियों से सुना की राजा कही जा रहा था तो उसकी अंगूठी कही गिर गयी मैं उनकी बात सुनकर आपके पास अंगूठी ले आया। 

             राजा बहुत खुश हुआ उसकी अंगूठी मिल गयी।  राजा को किसान की यह ईमानदारी बहुत  पसंद आयी। राजा ने किसान को अपने महल में नौकरी दे दी किसान के बारे पता करने पर उसे मालुम हुआ की उसको दो बेटियाँ है. राजा के भी दो भाई थे जिनकी शादी बाकी थी राजा ने किसान से अपने  दोनों भाइयो की शादी किसान की बेटियों से करने की इच्छा जताई किसान इस बात पर राजी हो गया और दोनों बेटियों की शादी हो गयी। किसान की सारी फ़िक्र दूर हो गयी और किसान को उसकी ईमानदारी और धीरज का फल मिल गया। 


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