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Friday, 29 September 2017

पापा मैं फर्स्ट आया हु Inspirational Story In HIndi

Best Inspirational Story In Hindi

पापा मैं फर्स्ट आया हु Inspirational Story In Hindi आज हम पढ़ेंगे। इससे पहले हमने Motivational Story In Hindi पढ़ी थी और Thought Of The Day और भी Hindi Stories पढ़ी थी। आज की इस Hindi Story में हम हेमंत नाम के लड़के की will power  और success के बारे में पढ़ेंगे।

                            पापा मैं फर्स्ट आया हु Hindi Story 

हेमंत ने प्राइमरी स्कूल की पढाई पूर्ण कर ली , तो उसके पापा ने उसे अच्छी शिक्षा के लिए शहर में एक बड़ी विद्द्यालय में एडमिशन करने का फैसला किया। हेमंत पढ़ने लिखने में बहुत होशियार था लेकिन थोड़ा बहुत शरारती भी था। जब वह अपने घर से निकल रहा था उस वक़्त अपने दोस्तों की याद उसे बहुत सता रही थी दोस्तों के साथ रात देर तक बैठना खेलना कूदना यही बाते उसके दिमाग में घूम रही थी। नम आँखों के साथ घर से जाने लगा और ऐसी जगह पहुंचा जहा उसे कोई पहचानता था न वह किसे की पहचानता था। वह खुद को बड़ी बड़ी बिल्डिंगो की बीच खुद को अकेला पा रहा था। कुछ दिन बाद हेमंत अकेला शाम को बैठा सोचने लगा के मेरे माता पिता ने मुझे यहाँ इतनी दूर क्यों भेजा है ?,मैंने तो प्राइमरी शिक्षा पूर्ण कर् ली थी? क्या वजह है आगे पढ़ने की ?
         
           कुछ देर बाद उसके दिल ने जवाब दिया : नहीं तुम्हारे माता पिता ने तुम्हे उच्च शिक्षा के लिए भेजा है ,तुम पढ़ कर ऊँची पोस्ट पर पहुंच सको और अपने माता पिता का नाम चमका सको और हां यह बात याद रखो 'शिक्षा एक ऐसी चीज़ है जिसका मुक़ाबला दुनिया की कोई भी चीज़ नहीं कर सकती '

                 इन बातो को याद करके हेमंत ने अपने इरादों को मजबूत किया उसने ठान लिया मैं यहाँ से उच्च शिक्षा लेकर ही घर जाऊंगा। हेमंत ने अपनी डेली रूटीन को में बदलाव लाया वह रोज़ सवेरे जल्दी उठ जाता और पढाई में लग जाता शाम के वक़्त दूसरे बच्चे खेलते वह पढाई करता , धीरे धीरे हेमंत की होश्यारी का चर्चा होने लगा शिक्षकों को पसंद आने लगा।

          स्कूल के साल का आखरी महीना था हर साल की तरह इस साल भी मुक़ाबला होने वाला था सभी बच्चे खेल कूद को बंद करके मुक़ाबले की तैयारी में लग गए हेमंत ने बहुत मेहनत की और उसकी मेहनत रंग लायी और वह फर्स्ट आया।

    स्कूल की तरफ से  इनामो को बांटने का प्रोग्राम रखा गया जिसमे बड़े बड़े अध्यापक समाज सेवक राजनितिक लोगो को बुलाया गया सब ने हेमंत को प्रोत्साहन दिया हेमंत की इस कामयाबी पर एक राजनितिक लीडर ने 10000 रुपये का इनाम दिया। अगले दिन हेमंत की तस्वीरें अख़बारों में छपी हुयी थी। हेमंत अपनी तस्वीर देखकर बहुत खुश था और उसे यह बात समझ आगयी थी :

                                    शिक्षा से बढ़कर इस दुनिया में कोई चीज़ नहीं !

            छुट्ठियो में हेमंत ने घर जाने की तैयारी की उस वक़्त उसके चेहरे पर बहुत ख़ुशी थी उस ने दिल में इरादा किया के घर जाकर पैसे और इनाम मैं अपने मम्मी पापा को देकर कहूंगा मम्मी -पापा मैं फर्स्ट आया हूँ हेमंत जब घर पहुंचा तो माँ पहले से दरवाजे पर इंतज़ार में बैठी थी।  माँ ने आगे बढ़ कर बेटे का स्वागत किया और गले से लगा लिया। हेमंत के पिता जब  मजदूरी करके शाम को घर आये तो हेमंत ने ख़ुशी ख़ुशी अपने इनाम अपने पापा के क़दमों में रखकर कहा पापा मैं फर्स्ट आया हूँ। 

    पिता ने ख़ुशी से बेटे के माथे को चूमा और कहा : बेटा सितारों के आगे दुनिया और भी है। 

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