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Sunday, 23 September 2018

सुधर गया मोटू हाथी हिन्दी कहानी । Chidiya And Elephant Story In Hindi

Chidiya And Elephant Hindi Story

Elephant Hindi Story हम पढ़ चुके है last पोस्ट में हम ने Moral Story For Student पढ़ी। आज और हाथी और चुलबुल चिड़िया की कहानी ले कर आया हाथी की बहुत सी कहानियां आप ने पढ़ी होंगी but आपने ये Elephant Hindi Story नहीं पढ़ी होंगी।

Madhumakkhi Aur Haathi Ki Kahani

      एक जंगल में पीपल के पेड़ पर चुलबुल चिड़िया रहती थी। एक दिन मोटू हाथी ने उसका घोंसला तोड़ दिया घोंसले में रखे चुलबुल चिड़िया के दो अंडे टूट गये। चिड़िया बहुत उदास होगयी  उसने रोते रोते मोटू हाथी की कारस्तानी अपनी दोस्त रानी मधुमक्खी और कालू मेंडक को सुनाई। सब मीलकर सोचने लगे मोटू को कैसे सबक सिखाया जाये उसकी हरकतों से दुसरे प्राणी भी परेशान थे। अचानक रानी मक्खी को एक चाल सूझी उसकी चाल सबको पसंद आई और उसी वक़्त उस पर सब ने प्रक्रिया शुरु कर दि।
chidiya and elephant hindi story
Chidiya Aur Haathi Ki Kahani


Bachho Ki Kahani

      अगले दिन फिर मोटू हाथी अपनी बुरी हरकत करता हुआ पेड़ो को अपने पैरो से रोंदत हुआ जंगल से जा रहा था। वो जैसे ही रानी मधुमक्खी के छत्ते के पास आया रानी मक्खी के साथ दूसरी मधुमक्खियों ने मोटू हाथी पर हमला कर दिया। मक्खियों के हमले से मोटू हाथी भागने लगा मगर मक्खियों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। मध्मक्खी उसकी आँखों के पास डंक मारे जा रही थी और मोटू हाथी दर्द की वजह से आँख बंद करके इधर उधर भाग रहा था।

Children Hindi Story

     भागते भागते अचानक उसे मेंडक की आवाज़ सुनाई दी मेंडक की आवाज सुनकर मोटू हाथी बहुत खुश हुआ और उसने अनुमान लगाया की आसपास ही कही पानी होना चाहिये। मक्खियो के हमले से छुटकारा पाने के मोटू हाथी मेंडक के आवाज़ की तरफ दौड़ा और जैसे ही करीब पहुंचा उसने अपनी रफ़्तार और बाढा ली। आँखे बंद होने की वजह से उसे अहेसास हुआ की वहां तो पानी है ही नहीं वह तो दलदल में फंसा जा रहा है। सच्चाई जानने के लिए उसने किसी तरह से अपनी आँखे खोली तो उसने वास्तविकता में अपने आप को एक बड़े दलदल में पाया। तभी उसे चुलबुल चिड़िया मेंडक और रानी मधुमक्खी दिखाई दिये।

Haathi Ki Kahani

        उसे सच्चाई समझने में देर नहीं लगी। वो समझ गया की ये तीनो दोस्तों का काम है तीनो दोस्तों ने मिलकर उसे फंसाया है। वो गुस्से में चिल्लाया मगर मधुमक्खी के डंक की जलन और दलदल में फंसने की वजह से उसका बुरा हाल था। कुछ समय में जंगल के दुसरे पशु पक्षी भी वहां आ गये। मोटू हाथी ने उन सभी को वहां से निकालने के लिये कहा उसकी बात सुनकर कव्वे ने कहा हमें परेशान करने में तुम्हे मजा आता था अब खुद पर बीत रही तो क्यों रो रहे हो। हम तभी तुम्हे बाहर निकालेंगे जब चुलबुल तुम्हे माफ़ करदे। मोटू हाथी ने चुलबुल चिड़िया से रोते हुए माफ़ी मांगी। चुलबुल चिड़िया को उस पर दया आइ और उसने उसे माफ़ कर दिया।

       तब सभी जानवर ने मिलकर मोटू हाथी को बहार निकाला। उस दिन के बाद से सुधर गया मोटू हाथी और उसने किसी को नहीं सताया।

दोस्तों उम्मीद है आपको Chidiya Aur Haathi Ki Kahani पसंद आई होंगी इस Hindi Story को अपने दोस्तों के साथ share करना न भूले.

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