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Saturday, 1 September 2018

Hindi Story For Childrens बच्चों के लिये प्रेरणादायक हिंदी कहानी

Children Story In Hindi इससे पहले हमने पढ़ी बहुत सी कहानियां हम पढ़ चुके है आज हम एक Best Hindi Story लेकर आये है जओ आपको बहुत पसंद आएँगी। आपको अगर यह कहानी पसंद आये तो इसे Share करना न भूले.

Hindi Kahani Childrens Ke liye

       एक 70 वर्ष की बूढीया दादी किसी गाँव में रहती थी वो अकेली थी लेकिन रुपियो की उसे कमी नहीं थी। क्यूंकि उसके पास सोने का अंडा देने वाली मुर्गी थी। वह अकेली थी उसका दिल बहुत बड़ा था वह अपने लिए एक ही अंडा रखती थी पुरे साल भर वह रोज़ मुर्गी का अंडा किसी गरीब को मदद करती थी। एक दिन उसके यहाँ एक छे साल की लड़की आई और वह भी अंडा लेकर चली गयी।
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Golden Egg Hindi Story


       कुछ दिनों बाद बर्ड फ्लू नाम की एक बिमारी चली जिससे बहुत सी मुर्गियां मरी जिन में दादी की भी मुर्गी थी। दादी को बहुत सदमा हुआ क्यूंकि वह गरीब लोगो की मदद ना कर सकती थी। एक दिन वह अपने घर के दरवाजे में बैठी पुराने दिनों को याद कर रही थी जब उसके घर भीड़ लगी रहती थी आज उसके पास भी कुछ नहीं है। ऐसे में उसकी आँखों में आंसू आगये।

सोने का अंडा हिन्दी कहानी

       कुछ देर बाद उसे वही छोटी बच्ची दिखाई दी जो कुछ दिन पहले उसके पास से सोने का अंडा लेकर गयी थी। बच्ची ने कहा दादी अम्मा मुझे आपकी मुर्गी के मर जाने का पता चला तो बहुत रंज गम हुआ लेकिन आप परेशान न हो मेरे पास सोने का अंडा देने वाली बहुत सी मुर्गियां जिन्दी है। दादी ने पूछा आपके पास कैसे बच्ची ने कहा मैंने उस अंडे से मुर्गी बैठा कर  बच्चा निकाल लिया था। और मैं आधे अंडे गरीबो में बाँट देती हु और आधो पर मुर्गी बैठा कर बच्चा निकाल लेती हु। दादी यह सुनकर बहुत खुश हुयी। और बोली मैं तो बहुत बेवकूफ थी मैंने तो ऐसा सोचा तक नहीं। बच्ची बोली आपको गरीबो में बांटने से फुर्सत ही कहा। वैसे सारी मुर्गियां आपकी ही है आपको कहो तो सब ले आऊ। दादी ने कहा रहने दे बेटी मुर्गियां यहाँ रहे या वहां , गरीबो को मदद तेरे घर से हो या मेरे घर से कोई फर्क नहीं पड़ता एक ही बात है।


      बच्ची ने दादी को एक मुर्गी दी और अपने घर चली गयी। दादी ने भी बच्ची की तरह मुर्गी बैठा कर बहुत साड़ी मुर्गियां कर ली। एक साल बाद फिर वही बिमारी बर्ड फ्लू आई इस बार दादी के साथ बच्ची की भी सारी मुर्गियां मर गयी। बच्ची बहुत सदमे में थी परेशान थी तब दादी ने कहा : ना रो मेरी जान सोने का अंडा देने वाली मुर्गी फिर आजायेंगी।  मगर दादी कैसे आएँगी हमारे पास ना सोने का अंडा है ना मुर्गी।


      दादी ने बच्ची को एक बैग दिया और कहा इससे तुझे सोने का अंडा मिलेंगा और गोल्डन मुर्गी भी। बच्ची ने पूछा दादी यह क्या है ? यह स्कूल बैग है तू खूब दिल लगा कर पढ़ कर डिग्री लेकर टीचर बन कर अपना सोने का अंडा देने वाली मुर्गी खरीद ले। फिर तू बच्चो को पढ़ाकर उन्हें डॉक्टर ,वकील ,इंजिनियर , साइंटिस्ट बना फिर उन्हें किसी सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की ज़रूरत ही न पढ़े बल्कि वह खुद पारस बन जाये।

दोस्तों उम्मीद है आपको यह Children Hindi Story बहुत पसंद आई होंगी तो ज़रूर आप इस Story को  अपने दोस्तों के साथ share करे. और इस कहानी को अपने Childrens को ज़रूर सुनाये.


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