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Wednesday, 19 September 2018

माँ ने लिया बेटे का इम्तिहान Hindi Story For Students With Moral

Hindi Story For Students

Moral Hindi Story हम पढेंगे हमने बहुत सी Moral Stories पढ़ी है आज हम Moral Story For Students पढेंगे आपको यह Moral हिन्दी कहानी For Students पढ़कर वो सीख मिलेंगी जो आपको ज़िन्दगी भर काम आएँगी. आप इस विद्यार्थियों के लिए मोरल हिन्दी कहानी को आखिर तक पढ़े और पसंद आने पर share करे.

Moral Hindi Story For Student

         एक दिन की बात है एक आदमी जंगल से जा रहा था उसे वहा एक बच्चा रोता हुआ दिखाई दिया। बहुत देर तलाश करने पर कोई ना दिखाई दिया तो वह उस बच्चे को लेकर अपने घर चला आया। उस बच्चे को अपने औलाद की तरह रखा उसके Education का ध्यान रखा लड़का खुद बहुत होश्यार था वह अपनी Class में प्रथम नंबर से पास होता था आखिर वह अपना Education पूरा कर के न्यायाधीश बन गया। उस लड़के की माँ ने उसका इम्तिहान लेना चाहा।
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       उस ने एक दिन भोजन Table पर 12 अंडे उबाल कर रखे। प्लान के अनुसार एक नौकरानी आई और एक अंडा खाकर चली गयी। जब ज़ज साहब खाने के लिए Table पर बैठे तो माँ ने कहा : देखो बेटे मैंने इस Table पर 12 अंडे उबाल कर रखे थे सिर्फ 11 बचे है एक अंडा कम है हमें पता करना चाहिए अंडा किसने खाया।

       जज साहब ने कहा अम्मी जान मुझे तो नौकरानियों पर शक हो रहा है! सब को बुलाया जाये। सबको बुलाया गया और एक से जज साहब ने कहा एक बरतन में पानी लाया जाये और एक बर्तन खाली। नौकरानी सभी वस्तु ले आई। जज साहब ने नौकरानियो को एक Line में खड़े किया और कहा एक एक आकर इस बर्तन में कुल्ली करे। कुछ नौकरानियों ने कुल्ली की और अब उसका नंबर आया जिसने अंडा खाया था। जैसे ही उस नौकरानी ने कुल्ली की बर्तन में अंडे के बारीक़ टुकड़े दिखाई दिये।

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        बेटे ने कहा : अम्मी जान इसने अंडा खाया है! माँ ने तुरंत कहा बेटा आप इसे सज़ा नहीं दे सकते क्यूंकि यह मेरी सबसे प्रिय नौकरानी है। जज साहब ने कहा अम्मी जान आपकी पसंदीदा हो या कोई और हो सज़ा तो मिलनी ही चाहिए। क्यूंकि इसने बगैर अनुमति के अंडा खाया है। अचानक माँ और नौकरानी हंसने लगे। बेटे ने चौंक कर पुछा आप क्यों हंस रहे है ? उन्होंने कहा : बेटा मैं तुम्हारा इम्तिहान ले रही थी और तुम इस इम्तिहान में पास हो गये।

       बेटा इसी तरह से निर्णय करना , बेकसूर लोगो को सजाएं मत दिलाना। मेरी दुआएं तुम्हारे साथ है। माँ की दुआ से अपनी लगन और इमानदारी से वह लड़का एक दिन बहुत बड़ा न्यायाधीश बना।

Moral Of Story For Student

      इस कहानी का Moral बताने की आवश्यकता मुझे तो नहीं लगती परन्तु बताता चलू हमें अपने मिशन के साथ साथ इमानदारी और लग्न के साथ काम करना चाहिए. हमें ऐसा वक़्त भी देखने को मिलता है की हमें इन्साफ की खातिर अपनों के खिलाफ निर्णय लेना पड़ता है और यही निर्णय लेना हमारी इस कहानी का Students के लिए Moral है.

     उम्मीद है दोस्तों आपको Hindi Story For Student With Moral पसंद आई होंगी हमें comment करके ज़रूर बताये और इसे अपने दोस्तों के साथ share करना न भूले. 

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