Thursday, 21 June 2018

Why Are Obesity Best Poem In Hindi

Flowers Poem In Hindi इससे पहले हमने पढ़ी थी आज हम मोटापे पर Poem पढेंगे जिसमे मोटापे का Solution भी बताया गया है किस तरह से एक बच्ची अपनी माँ से मोटापे की शिकायत कर रही है और माँ उसे मोटापे का Solution दे रही है उम्मीद है आपको यह Poem बहुत पसंद आएँगी.

मोटापा क्यों है 

माँ मैं इतनी छोटी क्यों हु
और फिर इतनी मोटी क्यों हु

   देख के मुझको सब हँसते है
   भले बुरे सब ये कहते है

बस दिन भर ये खाना खाये
दुबली कैसे फिर ये रह पाये

   माँ बोली जो ये मोटापन है
   गलत तरह का रहन सहन है

खाना वक़्त पे जो भी खाए
और लुकमा भी खूब चबाये

   बने अगर वो शाकाहारी
   खाए रोटी और तरकारी

बाजारी जो चीज़ है सारी
लगे भली ये प्यारी प्यारी

   लेकिन लाती है ये बिमारी
   होजाता है जिस्म भी भारी

खाओ जितना मौसमी फल हो
आम, अंगूर या एप्पल हो

   खाने में मत पियो पानी
   ज़रा सी कम करलो बिरयानी

फिर मोटी न कहलाओंगी
अपना फिटनेस रख पाओंगी

Why Are Obesity

Maa main itni choti kyu hu
Aur phir itni moti kyu hu

   Dekh ke mujhko sab hanste hai
   Bhale bure sab ye kahte hai

Bas din bhar ye khana khaye
Dubli kaise phir rah paaye

   Maa boli jo mota pan hai
   Galat tarah ka rahan sahan hai

Khana waqt pe jo bhi khaye
Aur luqma bhi khub chabaye

   Bane agar wo Shakahari
   Khaye roti aur tarkari

Bazari jo cheez hai sari
Lage bhali ye pyari pyari

   Lekin laati hai jab bimari
   Hojata hai jism bhi bhaari

Khao jitne mausami Phal ho
Aam , Angoor aur Apple ho

   Khane me mat piyo paani
   Zara si karlo kam biryani

Phir moti na kahlaongi
Apna Fitness rakh paongi

Friday, 8 June 2018

Flowers Best Motivational Poetry In Hindi

इससे पहले हमने  Life Poetry In Hindi पढ़ी थी आज हम Motivational Poem पढेंगे. किस तरह से फूल कांटो में रहकर भी मुस्कुराता है.

Message Of Flower In Hindi Poetry

हम फूल है नन्हे गुलशन के
उजले तन के सच्चे मन के

   हम धुप और गर्मी सहते है
   काँटों के साथ भी रहते है

गम हम पर गुज़रते रहते है 
हम फिर भी हँसते रहते है

   बे खौफ जहां से कहते है
   मुश्किल से हम कब डरते है

माना कई रंग के होते है
फिर भी एक साथ बंधे होते है

   चाहत की तरफ रुख मोड़ते है
   हम टूटे दिलों को जोड़ते है

जीने का हुनर हमसे सीखो
देखो मिल जुल कर रहना सीखो

Flowers Hindi Poetry

Ham phool hai nanhe gulshan ke 
Ujle tan ke sachhe man ke

   Ham dhoop aur garmi sahte hai
   Kaanto ke saath bhi rahte hai

Gam ham par guzarte rahte hai
Ham phir bhi hanste rahte hai

   Be khauf jahan se kahte hai
   Mushkil se ham kab darte hai

Mana kayi rang ke hote hai
Phir bhi ek dor me bandhte hai

   Chahat ki taraf rukh modte hai
   Ham toote dilo ko jodte hai

Jeene ka hunar ham se seekho
Dekho mil jul kar rahna seekho

Monday, 21 May 2018

Zindagi Poetry In Hindi | Life Poetry In Hindi

इससे पहले हमने Waseem Barelvi Sahab की ग़ज़ल पढ़ी थी आज हम Zindagi पर Poetry पढेंगे.

Life Poetry 


देखते हो रोज़ तुम भी ज़िन्दगी
चलती फिरती हंसती गाती ज़िन्दगी

फैसला है खुद को करना दोस्तों
चाहते हो तुम कैसी ज़िन्दगी

एक तरफ है बे मज़ा सी ज़िन्दगी
इस तरफ है सच्ची अच्छी ज़िन्दगी

झूट पर नहीं रहती है यह ज़िन्दगी
और सच पर सीधी साधी ज़िन्दगी

काम पूरा करके उठना चाहिये
वरना है आधी अधूरी ज़िन्दगी

है ये बचपन फूल सा नाजुक मिजाज़
फैसला है तुमको करना चाहो जैसी ज़िन्दगी

मुस्कुराहट पर तुम्हारी होता है दिल बाग़ बाग़
फूल सी खुशबु मिटाती मुस्कुराती ज़िन्दगी

अच्छाई  ही काम  आती है सदा
क्यों  गुज़ारे हम  बुरी ज़िन्दगी




Dekhte ho roz tum bhi zindagi
Chalti phirti hansti gaati zindagi

Faisla hai khud ko karna dosto
Chahte ho tum kaisi zindagi

Ek taraf hai bemaza si zindagi
Is taraf hai sachhi achhi zindagi

Jhoot par qayam nahi rahti hai ye
Aur sach par seedhi saadhi zindagi

Kaam poora karke uthna chahiye
Warna hai aadhi adhuri zindagi

Hai yeh bachpan phool sa najuk mijaaz
Faisla hai tumko karna chaho jaisi zindagi

Muskurahat par tumhari hota hai dil baag baag
Phool ki khushbu mitaati muskurati zindagi

Achhai hi kaam aati hai sada
Kyu guzare ham buri zindagi


Sunday, 13 May 2018

आओ मिल कर पेड़ लगाये Hind iPoem

इससे पहले हमने बहुत Poetries और Shayari पढ़ी आज हम फिर से एक Poetry लेकर आये है. हमने लास्ट आर्टिकल में वसीम बरेलवी साहब की ग़ज़ल पढ़ी थी आज हम Importance Of Trees पर कविता पढेंगे.

Hindi Poem On Trees

आओ मिलकर पेड़ लगाये
पेड़ों को हम दोस्त बनाये

    पेड़ों से हरयाली आये
    बारिश और खुशहाली आये 

पत्ति छाल भी काम आये
उनसे बनती कई दवाए

    पेड़ न हो तो जीना मुश्किल
    बारिश पानी पीना मुश्किल

फूल और फल उससे पाये
खूब मज़े ले लेकर खाए

    चाहो अगर अच्छी बरसात
    पेड़ लगाकर दो सौगात

हम सब एक एक पेड़ लगाये
यही बात सबको समझाए

Sunday, 6 May 2018

Waseem Barelvi Best Gazal In Hindi

इससे पहले हमने Waseem Barelvi साहब की ग़ज़ल तुम्हे गम को समझना गर नहीं आया पढ़ी थी आज मैं लेकर आया हूँ Waseem Barelvi साहब की बहुत ही शानदार कविता उम्मीद है आप इसे पढ़कर ही share करेंगे.

Waseem Barelvi गमो से कहा हम हार जाने वाले थे

गमो से कहा हम हार जाने वाले थे
आंसुओं की तरह मुस्कुराने वाले थे

हमी ने कर दिया ऐलाने गुमराही वरना
हमारे पीछे बहुत से लोग आने वाले थे

इन्हें तो ख़ाक ही में मिलना था यह मेरे थे
यह आंसू कौन से ऊंचे घराने वाले थे

उन्हें कभी करीब न होने दिया मैंने
जो दोस्ती में अपनी हदे भूल जाने वाले थे

मैं जिनको जान कर पहचान नहीं सकता
कुछ ऐसे ही लोग मेरा घर जलाने वाले थे

हमारा अलमिया यह था की हमसफ़र भी हमें
वही मिले जो हमें बहुत याद आने वाले थे

वसीम कैसी ताल्लुक की राह थी जिसमे हमें
वही मिले जो बहुत दिल दुखाने वाले थे

Waseem Barelvi Hindi Gazal


Gamo se kaha ham haar jane wale they
Aansuon ki tarah muskurane wale they

Hami ne kar diya ailan e gumrahi warna
Hamare peeche bahut se log aane wale they

Inhe to khaak hi me milna tha ki mere they
Yeh aansu kaunse oonche gharane wale they

Unhe kabhi karib na hone diya hamne
Jo dosti me apni hade bhool jane wale they

Main jinko jaan kar pahchan nahi sakta
Kuch aise hi log mera ghar jalane wale they

Hamara almiya yeh tha ki hamsafar bhi hame
Wahi mile jo hame bahut yaad aane wale they

Waseem kaisi taalluq ki raah thi jisme hame
Wahi mile jo bahut dil dukhaane wale they


Sunday, 29 April 2018

Waseem Barelvi तुम्हे गम को समझना गर नहीं आया Hindi Poetry

इससे पहले हमने Motivational Poetry In Hindi पढ़ी थी आज हम Waseem Barelvi की कविता पढेंगे और भी कवितायें हमने शेयर की आप वह भी पढ़ सकते है.

Waseem Barelvi Hindi Shayari

तुम्हे गमो को समझना गर ना आएंगा 
तो मेरी आँख में आंसू नज़र ना आएंगा

यह ज़िन्दगी का मुसाफिर यह बेवफा लम्हा
चला गया तो फिर लौट कर ना आएंगा

बनेंगे ऊंचे मकानों में बैठकर नक़्शे
तो अपने हिस्से में मिटटी का घर ना आएंगा

मना रहे है बहुत दिनों से जश्ने तशनालबी
हमें पता था ये बादल इधर ना आएंगा

लगेंगी आग तो सिम्ते सफ़र ना देखेंगी
मकान शहर में कोई नज़र ना आएंगा

वसीम अपने अंधेरो का खुद इलाज करो
कोई चराग जलाने इधर ना आएंगा

Waseem Barelvi  हिन्दी कविता


Tumhe gamo ko samajhna gar na aayenga
To meri aankho me aansu nazar na aayenga

Ye zindagi ka musafir ye bewafa lamha
Chala gaya to phir laut kar wapas na aayenga

Banenge oonche makano me baith kar nakshe
To apne hisse me mitti ka ghar na aayenga

Mana rahe hai bahut dino se jashn e tashnaalbi
Hame pata tha yeh badal idhar na aayenga

Lagengi aag to simta e safar na dekhengi
Makaan shahar me koi nazar na aayenga

Waseem apne andheron ka khud ilaaj karo
Koi charaag jalane idhar na aayenga

Saturday, 21 April 2018

हौसलों की उड़ान Motivational Poem In Hindi

इससे पहले हमने राना साहब की Poem पढ़ी थी हमने पहले Inspirational Hindi Poem भी हमने पढ़ी थी. आज हम हौसलों की उड़ान Motivational Poem पढेंगे.

Motivational Poem In Hindi

हिम्मतों का जहां बाकी रख
हौसलों की उड़ान बाकी रख

   काम मुश्किल है तो क्या परवाह
   रास्ते में कांटे है तो क्या परवाह

गार गहरे भी हो तो पट जायेंगे
हौसलों से पहाड़ कट जायेंगे

   हौसले जब उड़ान भरते है
   चाँद पर जाकर वोह ठहरते है

जोश और वल्वले है जिनके गुलाम
उनको आते है मंजिलों के सलाम

  जोर तूफ़ान का तोड़ते है वही
  वक़्त के रुख को मोडते है वही

उनकी हिम्मत को जब लगे कोड़े
वोह दाल दे  समंदर  में घोड़े

  ठोकरे खाकर मुस्कुराते है
  मुश्किलों को गले लगाते है

कोई गम हो वो झेल सकते है
अपने सर से भी खेल सकते है

  हिम्मतों की जवानियाँ जिंदा
  हौसलों की कहानियाँ जिंदा

जी तेरा छुटने न पाये कभी
हौसले टूटने न पाये कभी

  हिम्मतों का जहां बाकी रख
  हौसलों की उड़ान बाकी रख

Hauslon Ki Udaan Hindi Motivational Poem 


Himmaton ka jahaan baaki rakh
Hauslon ki udaan baaki rakh

  Kaam Mushkil hai kya parwaah
  Raste me kaante hai to kya parwaah

Gaar gahre bhi ho to pat jayenge
Hauslon se pahad kat jayenge

  Hausle jab udaan bharte hai
  Chaand par jakar wo thahrte hai

Josh aur walwale hai jinke gulam
Unko aate hai manzilon ke salaam

  Jor tufaan ka todte hai wahi
  Waqt ke rukh ko modte hai wahi

Unki himmat ko jab lage kode
Wo samndar me daal de ghode

  Thokare khaakar muskurate hai
  Mushkilon ko gale lagate hai

Koi gam ho wo jhel sakte hai
Apne sar se bhi khel sakte hai

  Himmato ki jawaniya zinda
  Hauslon ki kahaniya zinda

Jee tera chutne na paye kabhi
Hausla tutne na paye kabhi

  Himmaton ka jahaan baaki rakh
  Hauslon ki udaan baaki rakh

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