Wednesday, 21 February 2018

Blood Group In Hindi। Universal Donor

Introduction To Blood Group

हर आदमी से यह उम्मिद की जाती है के वे अपने Identy Card पर Blood Group लिख रखे। इसका benefit यह होता है के accident वगैरा की हालत में उस ग्रुप का Blood लाकर patient की जान बचाई जाये।

     यूं तो देखने में सब का Blood एक जैसा होता है लेकिन यह हकीकत में अलग होता है। हर व्यक्ति के खून में अलग अलग प्रकार के antigen होते है। Antigen एक प्रकार के protien होते है। Antigen की वजह से ही इंसान के शरीर के Blood के अलग अलग Groups होते है।

Investigation Of Blood Group

         Blood Group की Investigation 1901 में Dr.Karl Land Steiner ने की थी। उन्होंने पहले A और B दो types के antigen की खोज की थी। इस खोज पर उन्हें 1930 में नोबल इनाम दिया गया। Dr.Karl Land Steiner की खोज के आधार पर कहा गया के जिस व्यक्ति के Blood में A टाइप के antigen होते है उसके खून को A Group कहा जाता है। फिर जिसके खून में B टाइप के antigen होते है उसके खून को B ग्रुप कहते है।

    कुछ दिनों बाद पता चला के कुछ व्यक्तियों के Blood में A B दोनों types के antigen होते है तो इस खून को AB Group नाम दिया गया। बाद में ये देखा गया की कुछ व्यक्तियों के खून में A और B में से कोई antigen नहीं होता ऐसे व्यक्ति के खून को O Group नाम दिया गया।

   इस प्रकार से सभी व्यक्तियों का खून A , B और AB और O नाम के groups में बाँट दिया गया। Karl Land Steiner की खोज के आधार पर जो Blood के ग्रुप  बनाये गये है इसका ज्ञान सब के लिए ज़रूरी है। Blood Groups का ज्ञान इस लिए भी ज़रूरी है के सगे भाई बहन का खून भी अलग अलग होता है दूसरी तरफ अनजान व्यक्ति का खून भी एक जैसा होता है।

Universal Donor Blood Group


     A group का Blood A और AB Group वाले व्यक्ति को दिया जा सकता है। AB Group का खून सिर्फ AB Group के व्यक्ति को ही दिया जा सकता है O Group का Blood O और AB वाले किसी भी व्यक्ति को दिया जा सकता है। इस group वाले Donor को Universal Donor कहते है यानी वह किसी को भी Blood दे सकता है। इसी तरह A group वाला व्यक्ति O और A group से खून ले सकता है। B group वाला B और O से , O group वाला O से और AB ग्रुप वाला व्यक्ति O और AB किसी से भी खून ले सकता है।

    अगर गलती से एक गलत group का खून देने से कसी पेशेंट की मौत हो सकती है।

Biography Of Karl Land Steiner


   Blood Groups की खोज करने वाला Dr.Karl Land Steiner का जन्म Austrailia में 14 जून 1868 को हुआ था। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेटना से Pathology में 1891 में डिग्री ली। फिर उन्होंने 5 सालो तक मुय्न्ख के research centre में काम किया। 1878 से 1908 तक Land Steiner वेटना यूनिवर्सिटी के Pathological Anatomy Department में काम करते रहे। 1911 में वो Profferssor बने फिर 1922 में New York में रॉक फेलर इंस्टिट्यूट फॉर मेडिकल रिसर्च में आगये। यही वह अपने ज़िन्दगी के आखरी वक़्त तक रहे।

    Land Steiner ने 1937 में अलेक्सेंडर एसी, वेज़े के साथ रेसी फैक्टर की खोज की। Land Steiner ने ही Polio Virus की खोज की थी। Karl Land Steiner की मौत 26 जून 1943 को New York में हई।

Tuesday, 13 February 2018

पानी कहा गया सच्ची कहानी । Best True Hindi Story

पानी कहा गया Best True Hindi Story : इससे पहले हमने  Story read की है but आज हम सच्ची Story हम पढ़ेंगे। शक्तिशाली कौन? Best Interesting Story In Hindi और जवान लड़के की Real Life Inspirational Story In Hindi भी आप पड़ग सकते है।

True Hindi Story


किसी गाँव से मजदूरी करने के लिये एक लड़का शहर गया। शहर के बाहर बडी बिल्डिंगे और बड़े घर देखे और एक जगह बागीचा दिखाई दिया वहां एक माली भी दिखाई दिया पूछने पर वह माली लड़के को अपने साथ बागीचे में काम पर रखने के लिए मान गया।

       काम में था एक बड़े टैंक को पानी से भरना ऊँचाई पर रखा हुआ टैंक पुराना था और उसे भरने बहुत पानी लगता था जिसकी मजदूरी 100 रुपये थी। कुंवा दूर था और शर्त यह थी के टैंक पूरा भरने पर मजदूरी मिलेंगी। माली काम बताकर चला गया और कह गया की शाम को आऊंगा टैंक पूरा भरा हुआ होंगा तो पैसे मिलेंगे वरना नहीं....

True-hindi-story


True Story In Hindi    

  गरीब मजदूर ने पानी लाकर भरना शुरू किया एक डोल , दो डोल , तीन डोल ,....दस डोल ......फिर देखने के लिए टैंक को देखा तो पानी थोडा कम दिखाई दिया फिर थोड़े और डोल डाले और कुछ देर बैठ गया जब उसने देखा की पानी तो मैंने टैंक में ज्यादा डाला और टैंक थोडा खाली दिखाई दे रहा है वह परेशान हुआ वह बहुत देर तक तलाश के बाद इस नतीजे पर पहुंचा की उसे एक जगह गीली दिखाई दी उसने वहा मिटटी हटाना शुरू की कुछ देर बाद उसे एक नल्ली दिखाई दी उस नली से थोडा पानी बहे रहा था उस ने जांच लगई तो उसे अंदाज़ा हुआ की यह नली उस टैंक से निकल कर आई है और ऐसा रहा तो न टैंक भरेंगी और ना मज्दूरी मिलेंगी।


     अब वह उस रबर की नली का मूँह बाँध कर टैंक भरने में लगा अब वह उस टैंक में डोल डालते जाता भरता जाता आखिर कुछ देर में वह टैंक भर गया मजदूर अब आराम से एक पेड़ के नीचे आराम से सो गया। शाम में बाग़ का माली आया उसने टैंक भरा हुआ देखा तो उसे आश्चर्य हुआ उसने मजदूर की मजदूरी बाग़ के मालिक से लाकर देदी और शाबाशी भी दी के तुमने सिर्फ महेनत से ही नहीं बल्कि अपनी बुद्धि से भी काम लिया और पानी कहा जाता है यह पता लगाया। रोज़ आने वाले मजदूर सिर्फ अपने शरीर से काम करते और चले जाते।


     यह बागीचा एक इंजिनियर का है और उन्होंने इस बड़े टैंक से एक रबर की नली लगा रखी है जो जमीन में दबी हुयी है और बहुत दूर तक गयी है जहा पानी की आवश्यकता होती है वह उसे खोल दिया जाता है। अब मैं बुढा हो चूका हूँ इसलिए मजदूरो से पानी भरने का काम लेता हूँ तुम बुद्धिमान हो मालिक ने कहा तुम मेरे साथ बागीचे में काम करो मैं तुम्हे काम भी सिखा दूंगा और आपकी आने वाली ज़िन्दगी का काम भी होजायेंगा।


Tuesday, 6 February 2018

मेरी साईकल । Best Children Poem In Hindi

इससे पहले हमने बहुत सी Poems read की जैसे कलम Best Inspirational Hindi Poem । हिन्दी कविता और 3 Best Children Poems In Hindi About Water अब्दुल कलाम  पर लिखी हिंदी Poem Abdul Kalam Best Hindi Poem और हिंदी Stories शक्तिशाली कौन? Best Interesting Story In Hindi और जवान लड़के की Real Life Inspirational Story In Hindi भी Read की थी

मेरी साईकल Children Poem 

मेरी साईकल मेरी साईकल
मांगे इसको इमरान और माइकल

    अम्मी अब्बू का ये तोहफा
    खुश हो बैठा जिसने देखा

उसपर लिखा है Rockstar
चलने में बहुत है तेज़ रफ़्तार

     ट्युशन स्कूल इससे जाऊ
     बाज़ार से सामन भी लाऊ

कोई जब भी पीछे बैठे
उसको भी यह लेकर दौड़े

     नग्मे गाउ मैं जिसके हर पल
     वह है सुन्दर मेरी साईकल

जीवन जीना उससे सीखो
चलते रहना उससे सीखो

     अमीर गरीब सब की सवारी
     नाम है इसका दुनिया में सारी

प्यारी सी कसरत है भाई
पेट्रोल खर्च बिलकुल नाही

My Cycle Children Poem In Hindi

Meri Cycle Meri Cycle
Maange isko imran aur Michael

     Ammi Abbu ka ye tohfa
     Khush ho baitha jisne dekha

Uspar likha hai RockStar
Chalne me hai bahut tez Raftaar

     Tution School isse jaau
     Bazaar se samaan bhi lau

Koi jab bhi peeche baithe
Usko bhi ye lekar daude

     Nagme gau main jiske har pal
     Woh hai sundar meri Cycle

Jeevan jeena usse seekho
Chalte rahna usse seekho

      Ameer aur Garib sab ki sawaari
      Naam hai iska duniya me saari

Pyari si kasrat hai bhai
Petrol kharch bilkul naahi


Tuesday, 23 January 2018

शक्तिशाली कौन? Best Interesting Story In Hindi

शक्तिशाली कौन ? Interesting Story In Hindi :  इस Story में हम चालाक चूहे के बारे में पढ़ेंगे। इससे पहले हमने जवान लड़के की Real Life Inspirational Story In Hindi , सच्चा दोस्त। Best Moral Story In Hindi और Best Funny Hindi Story With Moral Read की थी।

Interesting Story In Hindi 

          कही जंगल में बहुत से जानवर बैठे थे चूहे ने कहा : सिर्फ हम तीनो को ही पुरस्कार दिया गया है मेरे भाई हाथी को ,घोड़े को और मुझे। चूहे की यह बात दुसरे जानवरो को अच्छी नही लगी ख़ास कर गीदड़ को।उसने यह बात शेर को बताई शेर ने कहा यह हाथी और घोड़े की बात है वे उनसे कहे।

     गीदड़ हाथी के पास गया और कहने लगा : चूहा तुम्हारे सम्मान में क्या कह रहा है। वह कहता है के वे तुम्हारा भाई है और वह इतना ताक़तवर है की तुम्हे अपनी पीठ पर बैठा सकता है। लेकिन हाथी ने गीदड़ की बातो में ध्यान नहीं दिया। अब गीदड़ घोड़े के पास गया और उससे कहा : इस कमीने चूहे की बाते तो सुनो वह कहता है की सिर्फ हाथी ही इस जंगल में सबसे शक्तिशाली है और उसके पास तूम्हारा कोई महत्व नहीं। घोड़े को यह बात अच्छी नहीं लगी और उसने चूहे को सबक सीखाने की ठान ली।


        सच्चाई जानने के लिए घोडा पहले हाथी के पास गया। जब घोडा उसके पास गया तो घोड़े ने उससे कहा के चूहा हमारे बारे में ख़राब बाते करता है। इतना सुनकर हाथी ने अपने पैर को उठा कर जमीन पर दे मारा और कहा इसी तरह उस चूहे को कुचल डालूँगा। कुछ दिनों बाद चूहा घोडे से मिला और बोला : कहो प्यारे भाई कैसी गुज़र रही है?

  यह सुनकर घोडा तैश में आगया और गुस्सा होकर कहने लगा : कमीने मैं तुझे मिटा कर रख दूंगा।

    चूहे ने कहा : ना! यह बुरी बात है आओ शक्ति आजमाले अगर मैं तुम्हे जमीन पर गिर दू तो तुम्हे भाई भाई कह कर बुलाऊंगा और अगर तुम मुझे ज़मीन पर गिर दोंगे तो तुम्हारे जी में आये वह कहना। घोडा मान गया चूहा बहाना बना कर हाथी के पास गया और कहने लगा : आदाब भाई जान!

      यह सुनकर हाथी को बहुत गुस्सा आया उसने अपना एक पैर उठाया और चूहे को मारना चाहा चूहे ने जल्दी से कहा ना भाई इतना गुस्सा अच्छा नहीं आओ हम शक्ति परिक्षण करले जीतने वाले को केले से भरी टोकरी मिलेंगी।

       हाथी मान गया चूहे ने बड़ी रस्सी का प्रबंधन किया और घोड़े के पास गया। देखो भाई ! रस्सी का एक फंदा तुम पकड़ो दूसरा फंदा जो बहुत दूर है उसे मैं पकडूँगा और जब रस्सी में झटका लगे तो उसे खेंचना शुरू करदेना।


        फिर दूसरी तरफ चुहा हाथी से मिला और बोला उस रस्सी का यह फंदा तुम पकड़ो और दूसरा मैं पकड़ता हूँ। जब रस्सी में झटका लगे तो उसे तुम अपनी तरफ खेंचना। अब रस्सी का एक मुह घोड़े के पास और दूसरा हाथी के पास था। जैसे ही चूहे ने उसे झटका दिया तो घोड़े और हाथी ने  खेंचना शुरू किया जब रस्सी टाइट हो गयी तो चूहा हंसने लगा और खेल का तमाशा लेने लगा इधर दोनों को लग रहा था मेरी लड़ाई चूहे से है। जब चूहा बहुत मज़ा लेकर बोर होगया तो चूहे ने रस्सी को बीच से क़तर डाला। जैसे ही रस्सी कटी तो जोर से गिरने आवाज़ सुनाई दी। अब चालाक चूहा हाथी के पास गया और कहने लगा भाई मुझे बधाई नहीं दोंगे !

      हाथी ने कहा ज़रूर लेकिन मेरे सर में दर्द है।

फिर चूहा जल्दी से घोड़े के पास गया और कहने लगा आपका सर तो सुरक्षित है ना?

     घोड़े ने कहा : मेरा सर तो ठीक है लेकिन मेरा एक दांत टूट गया!

     इसके बाद चूहा जब भी कहता के मैं इन दोनों से शक्तिशाली हूँ हाथी और घोडा खामोश रहते।


Friday, 19 January 2018

जवान लड़के की Real Life Inspirational Story In Hindi

True Life Inspirational Story In Hindi

जवान लड़के की Real Life Inspirational Story In Hindi : इस Story को हम read करेंगे। इससे पहले पापा मैं फर्स्ट आया हु Inspirational Story In Hindi और हिरणी की बुद्धिमत्ता। Short Inspirational Hindi Story और हमने एक बहुत अच्छी पोस्ट 12 महीनो के नाम कैसे रखे गये । Origin Of 12 Months Name read की है। यह कहानी आपको ज़रूर पसंद आएँगी आप इसे पूरा पढ़े। इस Story को हम पढ़े अपने Students हो तो उनको या अपने बच्चो को तो ज़रूर सुनाये।

Real Inspirational Hindi Story

                  अकबर बादशाह का नाम तो आपने सुना ही होंगा। यह उसकी वक़्त की बात है जब अकबर आगरा में रहता था। एक दिन एक जवान लड़का काम की तलाश में अकबर बादशाह के दरबार में आया। वह बहुत होशियार था। वह सभी बातो में महारत रखता था। जब उसे अकबर के पास लाया गया तो बादशाह ने कुछ सवालात उससे पूछे लड़के ने सभी सवालों के ज़वाब दिए। कुछ देर बाद बादशाह ने कहा की तुम बहुत होशियार हो आज से तुम्हे अपने मुर्गीयो की देख भाल के लिए तय करता हूँ। लड़का यह सुनकर अपनी बताई हुयी जगह पर चला गया। उसको काम तो मिल गया लेकिन फिर भी वह उदास था। क्युकी उसे दरबार में ऊँचे पद पर पहुंचना था।

             दुसरे दिन से वह लड़का अपने काम पर लग गया। कुछ महीनो बाद अकबर ने मुर्गियों का हिसाब देख रहा था ताकि मालुम हो की कितना खर्च हुआ है वह यह देख कर बहुत हैरान हुआ की दो महीनो में मुर्गियों पर कुछ भी खर्च नहीं हुआ है। उसने दुसरे मुर्गियों को देखने का इरादा किया। जब वह मुर्गियों के पास पहुंचा तो उसे यह देख कर आशचर्य हुआ की मुर्गियाँ पहले कही ज्यादा मोटी ताज़ी तैयार। उसने लड़के से पुछा मैंने देखा है पिछले दो महीनो से मुर्गियों की खाद पर कुछ भी खर्च नहीं हुआ है फिर यह मुर्गिया इतनी स्वस्थ क्यों है?

             लड़के ने जवाब दिया मैं उनकी खाद पर ज्यादा खर्च नहीं करता हूँ मैं उन्हें गोदाम से बचे हुए दाने और नान के टुकड़े और फलो के छिलके देता हूँ और यह उसी का परिणाम है। अकबर मुस्कुराने लगा। लडके ने सोचा बादशाह मुझसे खुश है वह मुझे अपने दरबार में ऊंचा पद देंगा। लेकिन कुछ ही मिनटों में उसकी उम्मीदों का खात्मा हो गया। बादशाह ने कहा : आज से मैं तुम्हे अपनी पुस्तकालय की सुरक्षा के लिए भेजता हूँ लड़का बादशाह को सलाम करके पुस्तकालय की तरफ चल पड़ा।



                कुछ महीनो बाद बादशाह अपने वज़ीरो को लेकर पुस्तकालय का निरिक्षण करने आया उसे यह देख कर आश्चर्य हुआ की पुस्तकालय की हर पुस्तक पर खुबसूरत रेशम का कपडा चढ़ा हुआ है। पुस्तकालय में कई पुस्तके है तुमने इनकी त्वचा बनाने में बहुत पैसे खर्च किये होंगे। लड़के ने कहा मैंने इनकी त्वचा बनाने में कुछ भी खर्च नहीं किया है लोग जो अपने पत्र कागज़ पर लिख कर लाते है उनपर रेशम का कपडा लगा हुआ होता है बाद में उस कपडे को फ़ेंक दिया जाता है मैंने उस कपड़े को खोलकर इन पुस्तको पर लगा लिया है।



                        अकबर बादशाह ने आगे बढ़ कर लड़के की पीठ थपथपाई और कहा : तुम ने परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है मैं तुम्हारे कार्य से बहुत मैं खुश हूँ कल से मैं तुम्हे अपना दरबारी बनता हूँ। इस तरह उस लड़के की इच्छा पूरी हो गयी। कइ सालो बाद उसी लड़के ने अकबर ने दरबारियो में मुल्ला दो प्याज़े के नाम से परसिद्धि पाई। मुल्ला दो प्याज़े अकबर के नवरत्नों में से एक था।



Monday, 15 January 2018

12 महीनो के नाम कैसे रखे गये । Origin Of 12 Months Name

Name Of 12 Months In Hindi With Details


12 महीनो के नाम कैसे दिए गये : जैसा के अंग्रेजी महीनो के नाम (Name of the Months) तो हम सब जानते है लेकिन कभी आपने यह जान्ने की कोशिश की के कैसे दिए गए इन महिनो ( Months के नाम और किसने दिया इन Months को नाम नहीं ना ! आज मैं लेकर आया हूँ आपके लिए मजेदार पोस्ट।पहले भी बहुत अच्छी पोस्ट शायद आपने पढ़ी हो सच्चा दोस्त। Best Moral Story In Hindi और Best Funny Hindi Story With Moral

    पहले धुप की घडी हुआ करती थी उससे वक़्त गिना जाता था फिर घंटे बने फिर दिन और महीने और फिर साल।आपको यह जानकार हैरत होगी की पहले Year के 304 दिन होते थे और सिर्फ 10 Months रोमन बादशाह ' नेव्मापम्पल्स ' ने साल में दो महीने बढाए जिनके नाम जनवरी और फ़रवरी है। चलिए हम जानते है कैसे दिए गए इन Months के Name.

Origin Of 12 Months Name In Hindi 


जनवरी ( January ) : रोमन लोगो का मानना है की रोमन देवता जेन्स (Jenus) के दो चहरे थे एक से वह आगे और दुसरे से पीछे देखता था। इसी तरह जनवरी महीने के भी दो चहरे है एक से वह गये साल को और एक से आने वाले साल को देखता है। जेनस को लातिनी में जेनर्स कहा गया जेन्स बाद में January बन गया।इस तरह जनवरी महीने ( Month ) का नाम जनवरी रखा गया।




फ़रवरी ( February ) : इस महीने का संबंध लातिनि फेब्रासे से है। इसका मतलब साफ़ करना। कहते है जब मार्च पहला महिना था (पुराने दस महीनो में) और फरवरी आखरी महिना। तब रोमन लोग पाक साफ़ होने का जश्न मनाते थे। उस वक़्त नया साल मार्च से शुरू होता था तो उनका मानना था नये साल का स्वागत पाक साफ़ होकर करना चाहिये।

मार्च ( March ) : रोमन देवता मार्स के नाम से इस महीने का नाम रखा गया। रोमन साल की शुरुआत इसी महीने से होती है। मार्स मार्ट्स आगे बढ़ने के लिए कहता था पहले ठंडी के मौसम के बाद लोग दुश्मन पर हमला करते थे इस लिए इस महीने का नाम मार्च रखा गया ।

अप्रैल (April ) : इस Month की शुरुआत लातिनी शब्द अस्प्रायर से हुई। इसका मतलब शुरू करना। रोम में इस महीने कलियों के खिलने का वक़्त होता था। इसकी दूसरी बात यह भी है की इस महीने के 1 अप्रैल को रोमन फूल्स डे मानते थे और आज भी मनाया जाता है।

मई ( May ) : रोमन देवता मर्करी की माँ 'मया' के नाम पर मई महीने का नाम रखा गया। मई का Meaning मालदार भी है। मई महीने की शुरुआत मेजोरेस से भी जाना जाता है।

जून ( June ) : इस महीने में लोग शादी करके अपना घर बसते थे इसलिए खानदान के लिए उपयोग होने वाले शब्द Jens की बुनियाद पर इसका नाम पड़ा। एक और वजह कही जाती है रोम के सब से बड़े देवता की बीवी का नाम जोनो था इस लिए भी इस महीने का नाम जून रखा गया।

जुलाई ( July ) : जोलेस सेजर बादशाह के नाम पर इस महीने को जुलाई नाम दिया गया।

ऑगस्ट ( August ) : जोलेस सेजर के भतीजे अग्स्ट्स सेजर ने अपना नाम बनाने के लिए सेक्टल्स से अगस्टस किया बाद में यह सिर्फ ऑगस्ट रहा।

सितम्बर ( September ) : रोम में सितम्बर को सेप्तेबर कहा जाता है सेप्तेबर लातिने शब्द है जिसका मतलब सातवा (7 वा ) लेकिन बाद में यह नव्वा (9 वा ) महिना बन गया आज तक इसका नाम किसीने नहीं बदला।

अक्टूबर ( October ) : यह शब्द भी लातिनि है Means आठवा (8 वा) । लेकिन बाद में यह दसवा  (10वा ) महिना बन गया।

नवम्बर ( November ) : नवम्बर भी लातिनी शब्द है इसे नव्व़ा (9 वा) कहते है बाद में यह ग्यारहवा (11 वा) महिना हो गया।

दिसम्बर ( December ) : यह शब्द भी latin है इसे दसवा कहते है बाद में यह दसवा महिना 12 वा हो गया।

दोस्तों Origin Of 12 Months Name In Hindi आपको कैसे लगे हमें comment करना ना भूले और ख़ास बात दोस्तों अगर आपको पसंद आयी यह पोस्ट तो Please इसे Facebook , Whatsapp पर  Share कीजिये।





Tuesday, 9 January 2018

सच्चा दोस्त। Best Moral Story In Hindi

True Friends Best Moral Story In Hindi आज हम पढ़ेंगे इससे पहले भी हमने बहुत सी Story Read की थी। जैसे आईना Best funny story in hindi  , Top Motivational Stories Read  की थी। आज हम इसी तरह की एक और Story लेकर आये है उम्मीद है आपको पसंद आएँगी।

                 Moral Hindi Story 

        बचपन से जुडी कुछ आदते ऐसी होती है जो आगे जल्दी से नहीं छूटती जैसे : पैर हाथ अच्छी तरह से नहीं धोना , सुबह सवेरे टूथ पेस्ट ना करना , किसी के यहाँ जाना और कुछ उठाकर ले आना , या फिर अपने स्कूल में अपने दोस्तों के पेन चुराना। इसी तरह बचपन की और भी ख़राब आदते होती है जिन पर ध्यान ना दिया जाए तो यह छुटती नहीं। और फिर आगे चल कर बच्चो को बहुत शर्मिंदा होना पड़ता है। इन आदतों के अलावा और भी बुरी आदते होती है अगर उसी वक़्त बच्चो के माँ बाप ने या दोस्तों ने उस पर रोक नहीं लगाई तो  आगे सब को बहुत पछतावा होता है। आज इसी तरह से दो सच्चे दोस्तों की कहानी हम पढेंगे।

                                   Hindi Moral Story

      आज फिर हेमंत का पेन उस के बैग से सागर के गायब करने का चर्चा क्लास में चल रहा था के उसकी यह बुरी आदत कब छूटेंगी उसे ज़रा भी अहेसास नहीं होता के अपने दोस्तों के पेन किताबे क्यों चुराता है ? स्कूल के सभी विद्यार्थी उससे परेशान थे। ख़ास कर हेमंत उस्से बहुत परेशान था। चूंकि सागर हेमंत के पास ही बैठता था। सागर को कोई अपने पास बैठाता नहीं था लेकिन हेमंत के पास वह बैठ जाता था। इसी वजह से सभी दोस्त हेमंत को डरपोक और बुजदिल समझते थे। घर पर हेमंत को अपने माता पिता से डांट सुनने को मिलती थी के वह अपना सामान खो देता है। इसी तरह हेमंत बहुत उलझन और सोच में था के सागर की यह बुरी आदत किस तरह से चुदाई जाए। एक दिन हेमंत को एक आइडिया समझ में आया।

    अगले दिन हेमंत स्कूल आया उसने चुपके से एक पेन और एक पत्र सागर के बैग में रखा जिस में लिखा था :

       मेरे प्यारे दोस्त सागर खुश रहो,
                    मैं यह पत्र इस लिए रख रहा हूँ के आज से तुम्हारे बैग में अपनी पेन मैं खुद रख दिया करूंगा और तुम्हे मेरी पेन चुराने का पाप भी नहीं मिलेंगा। इस लिए मैं खुद अपना पेन आपकी बैग में रख दिया करूंगा और आप पाप से बच जाओंगे।

                                                                                               तुम्हारा दोस्त - हेमंत

हेमंत ने यह पत्र और पेन चुपके से सागर के बैग में रखा। सागर ने छुट्टी के बाद घर पहुँच कर वह पत्र देखा तो वह तुरंत हेमंत के घर पहुंचा और हेमंत के घर का दरवाज़ा खटखटाया हेमंत ने जैसी ही दरवाज़ा खोला तो सामने सागर के हाथो में बहुत सारे पेन थे। और आँखों में आंसू। सागर ने पेन देते हुए कहा तूने मेरी आँखे खोल दी मुझे माफ करना मैंने तुम्हारे बहुत सारे पेन चुराए है और तुम्हे बहुत परेशान किया है। घर में मेरी वजह से डांट सुन्नी पड़ती थी मैंने जिसके भी पेन और किताबे चुराई है सब को लौटा दूंगा। हेमंत ने आगे बढ़कर सागर को गले से लगाया और कहा आज मैं बहुत खुश हूँ इस ख़ुशी के मौके पर आपको यह सभी पेने गिफ्ट करता हूँ। इंकार मत करना। अगर तुम यह रख लेते हो तो मैं समझूंगा आप मेरे सच्चे दोस्त हो। फिर स्कूल के दोस्त मुझे बुजदिल नहीं समझेंगे। सागर ने हेमंत को गले लगाकर कहा : सच में तुम मेरे सच्चे दोस्त हो आज मुझे दुसरो की चीज़े चुराने पर जितना दुःख हो रहा है उतनी ख़ुशी आपकी दोस्ती पर हो रही है।

Moral : इस Story से हमें Moral मिलता है की हमने बचपन की ख़राब आदतों (Bad Habbits ) को छोड़ देना चाहिए और अपने छोटो को भी सीखना चाहिए।

बुद्धिमान जीत गया। Moral Story In Hindi

हर आदमी को खुश नहीं किया जा सकता Hindi Story

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