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Tuesday, 26 November 2019

School Bell Hindi Children Poem स्कूल की घंटी हिन्दी कविता

स्कूल की घंटी बच्चो की हिन्दी कविता


रोतो को हंसा देती है स्कूल की घंटी
हंसतो को रुला देती है स्कूल की घंटी

हर वक़्त नज़र रहती है बेताब घडी पर
हर वक़्त सदा देती है स्कूल की घंटी

है वक़्त की पाबंद उठाती नही इल्ज़ाम
सोतो को जगा देती है स्कूल की घंटी

जब बोर बहुत करता है period तो उसी दम
क्या खूब मजा देती है स्कूल की घंटी

रेसेस में थोड़ी देर चहेकने नही देती
झट शोर मचा देती है स्कूल की घंटी

छुट्ठी भी अजब चीज़ है बच्चो को घडी भर
गुलफाम बना देती है स्कूल की घंटी

इतवार को भी चैन से सोने नही देती
ख्वाबों में टन टनाती है स्कूल की घंटी

सच तो यही है जान ले बच्चो को ऐ दुलार
इन्सान बना देती है स्कूल की घंटी

School Bell Children Poem In Hindi


Roto ko hansa deti hai school ki ghanti
Hansto ko rula deti hai school ki ghanti

Har waqt nazar rahti hai betaab ghadi par
Har waqt sada deti hai school ki ghanti

Hai waqt ki paband uthati nahi ilzaam
Soto ko jaga deti hai school ki ghanti

Jab boar bahut karta hai period to usi dam
Kya khoob maza deti hai school ki ghanti

Reses me thodi der chahekne nahi deti
Jhat shor macha deti hai school ki ghanti

Chutthi bhi ajab cheez hai bachho ko ghadi bhar
Gulfaam bana deti hai school ki ghanti

Itwaar ko bhi chain se sone nahi deti
Khwabon me tan tanati hai school ki ghanti

Sach to yahi hai jaan le bachho ko aye Dulaar
Insaan bana deti hai school ki ghanti

Tuesday, 27 August 2019

बरसात का मौसम हिन्दी कविता Rainy Season Hindi Poem

Hindi Poem On Rainy Season

पानी को जब हम सब तरसे
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

छाई है घंघुर घटायें
करती है सब शोर घटायें
बरसेंगी पुर जोर घटायें

उतरो बच्चो अब छत पर से
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

सडको पर पानी ही पानी
तुम ने मेरी बात ना मानी
अब तो बारिश है तूफानी

निकलो अब मत बाहर घर से
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

uncle पहने है बरसाती
छाते में है उनके साथी
जंगल में सब खुश है हाथी

पंछी भीगे बादल व पर से
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

बागो में आई हरियाली
फूल खिले है डाली डाली
देखो कितना खुश है माली

जामुन भी गिरते है पेड़ से
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

घर की छत भी टपक रही है
बिजली भी अब कड़क रही है
सुखी नदिया छलक रही है

हो गया ऊंचा पानी सर से
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

बूढ़े भीगे बच्चे भीगे
झूटे भीगे सच्चे भीगे
अच्छे अच्छे अच्छे भीगे

भीगते आये सब दफ्तर से
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

दो दो फुट पानी सडको पर
दोस्त ना राही ना रहबर
पंछी है झाडो में छुपकर

सब के सब बारिश के डर से
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

देखो सब पर बारिश आई
भीग रहे है सब ही भाई
हिन्दू मुस्लिम सीख इसाई

देखे सब को एक नजर से
रिम झिम रिम झिम बादल बरसे

Thursday, 25 July 2019

Hindi Poem On Rainy Season बरसात का मौसम हिंदी कविता

Sab ke sar par chaye badal
Door tak lahraye badal

Jab barsat ka mausam aata
Barish me har koi nahata

Ham kagaz ki naav banate
Phir paani me use bahate

Raincoat aur chate nikle
Log bhi gaane gaate nikle

Ham School to sukhe jate
Aur udhar se bhige aate

Kahi ye barish khushiyaan laati
Kahi ghar aur deewar girati

Suraj chupkar baith gaya hai
Tez hai barish tez hawa hai

Door tak chaai hai ghataye
Bijli kadke sab dar jaye

Ped naha kar jhoom rahe hai
Mast hawa ko chum rahe hai

Garmi se kuch rahat paai
Phoolo par raunak aai

Barish ki hai ajab kahani
Ghar me paani bahar paani

Shahar huwa hai sara jal thal
Rainy day hojayenga kal

Chat par khoob nahayenge ham
Masti mauj manayenge ham

Tuesday, 25 June 2019

माँ पर कविता Best Poem On Mother In Hindi

माँ पर बहुत सी कविताये आपने पढ़ी होंगी आज मैं मां पर नयी कविता लेकर आया हु जो आपको बहुत पसंद आयेंगी। Maa तो अनमोल है सिर्फ कवितायें लिखने से Maa का हक अदा नही हो सकता। वैसे तो बहुत से शायरों ने माँ पर कविताये लिखी है लेकिन शायर मुनव्वर राना साहब ने जो लिखा है वो अनमोल है आपको उन्हें भी ज़रूर पढना चाहिए इस कविता के शायर ने भी बहुत अच्छा पर्यास किया है उम्मीद है आपको Maa पर यह कविता बहुत पसंद आएँगी।

माँ अगर है तो समझो दौलत है
वरना दुनिया में सिर्फ ज़िल्लत है

बच्चो मां एक अज़ीम हंसती है
माँ के दम से ही मौज है मस्ती है

मां बहुत महरबान होती है
माँ में बच्चो की जान होती है

एक आहट पर दौड़ आती है
भाग कर फिर गले लगाती है

ये समन्दर है ये ही साहिल है
बच्चो माँ ही तुम्हारी मंजिल है

मां ना हो तो वीरान है दुनिया
जैसे कब्रस्तान है दुनिया

प्यार है इश्क है मोहब्बत है
मां एक ऐसी हसीं नेमत है

मां ही चलना तुम्हे सिखाती है
ये बुलंदी पर लेकर जाती है

मां के दम से दुनिया रौशन है
माँ के होने से घर भी गुलशन है

फर्ज तुम पर भी मां की खिदमत है
माँ के क़दमो के नीचे जन्नत है

Maa agar hai to samjho daulat hai
Warna duniya me sirf zillat hai

Bachhon ek azeem hasti hai Maan
Maa ke dam se hi mauj masti hai

Maan bahut maharbaan hoti hai
Use me bachho ki jaan hoti hai

Ek aahat pe bhaag aati hai
Bhaag kar phir gale lagati hai

Ye samandar hai ye hi sahil hai
Bachho yahi tumhari manzil hai

Maa na ho weeran hai duniya
Jaise qabrastan hai duniya

Pyar hai ishq hai mohabbat hai
Maa ek aisi haseen nemat hai

Maa hi chalna tumhe sikhati hai
Ye bulandi pe le ke jati hai

Maa ke dam se duniya raushan hai
Maa ke hone se ghar bhi raushan hai

Farz tum par bhi maa ki khidmat hai
Maa ke qadmo ke neeche jannat hai

Saturday, 25 May 2019

Sad Gazal On Success In Hindi

Success Poem Gazal Hindi Me

sad gazal poem on success


ऐ कामयाबी तू रूठना मत
कुछ वक़्त खर्च होंगा ज़िम्मेदारिया निभाने में
कुछ वक़्त खर्च होंगा इरादों को मकसद बनाने में
कुछ वक़्त लगेगा तुझ तक आने में
हो सके तो ऐ कामयाबी तू रूठना मत

मैं जानता हु तू मेरे लिए रुक नही सकती
मेरी बातो में आकर तू फँस नही सकती
तू अल्फाज नही मेरी मेहनत की जुबां समझती है
मुझसे दूर रहकर तू हर वक़्त मुझे परखती है
जब मिलेंगे हम तो
थोडा रोकर थोडा हंसकर दिखाऊंगा
टूटते टूटते संभलने के किस्से सुनाऊंगा
ऐ कामयाबी तू रूठना मत

मेरी कोशिशों को पहेचान मिलनी अभी बाकी है
मेरे पागलपन का इम्तिहान अभी बाकी है
पर तुझे पाने का जज्बा मुझमे काफी है
तुझसे मिलने का ख्वाब पूरा होना बाकी है
खुद से किया है जो वादा ज़रूर निभाऊंगा
तू मुझसे नाराज़ होजाना मैं तुझे मेहनत से मनाऊंगा
तू ठिकाने बदलती रहना मैं तुझ तक पहुँच के दिखाऊंगा
तू बस थोडा सा सब्र रखना
हो सके तो मेरी चाहत की कद्र रखना

ऐ कामयाबी टी रूठना मत
कुछ वक़्त लगेंगा तुझ तक आने में

Gazal By Altaf Ziya

Ae Kamyabi tu ruthna mat
Kuch Waqt kharch honga zimmedariyan nibhane me

Kuch waqt kharch honga irado ko maqsad banane me
Kuch waqt lagega tujh tak aane me
Ho sake to ae kamyabi tu ruthna mat

Mai janta hu tu mere liye ruk nahi sakti
Meri baato me aakar tu fans nahi sakti

Tu alfaz nahi meri mehnat ki zaban samajhti hai
Mujhse door rehkar tu har waqt mujhe parakhti hai

Jab milenge ham to
Thoda rokar thoda hanskar dikhaunga
Toot te toot te sambhalne ke hazaro kisse sunaunga
Ae kamyabi tu ruthna mat

Meri koshish ko pehchan milni baaki hai
Mere pagalpan ka imtihaan abhi baaki hai
Par tujhe paane ka jazba mujhme kaafi hai
Tujhse milne ka khwab poora hona baaki hai

Khud se kiya hai jo wada zarur nibhaunga
Tu mujhse naraz ho jana main tujhe mehnat se manaunga

Tu thikhane badalti rehna mai tujh tak pahuch ke dikhaunga

Tu bas thoda sa sabr rakhna
Ho sake to meri chahat ki qadr rakhna

Ae kamyabi tu ruthna mat
Kuch waqt lagenga tujh tak aane me

Top Shayari In Hindi
Waseem Barelvi Poetry

Thursday, 16 May 2019

Ali Zaryun Hindi Shayari Gazal हालत जो हमारी है तुम्हारी तो नही

अली जर्युन की शायरी को आपने नही पढ़ा तो आपने आशिकी का मज़ा भी पूरे सही ढंग से नही लिया वैसे तो हो हि नही सकता की आपने Ali Zaryun Ki Shayari Aur Gazlon को ना पढ़ा हो. आपने उनका शेर कही ना कही तो पढ़ा ही होंगा. आज मैं लेकर आया हु अली ज़र्युन की एक ग़ज़ल हालत है हमारी तुम्हारी तो नही है.

ali zaryun shayari gazal


अली ज़र्युन हिन्दी गज़ल हालत जो हमारी है तुम्हारी तो नही

हालत जो हमारी है तुम्हारी तो नही है
ऐसा है तो फिर ये कोई यारी तो नही है

जितनी भी बना ली हो कमा ली हो ये दुनिया
दुनिया है तो फिर दोस्त तुम्हरी तो नही है

तहकिर ना कर ये मेरी उधडी हुयी गठरी की
जैसी भी है अपनी है उधारी तो नही है

ये तू जो मोहब्बत में सिल मांग रहा है
ऐ शख्स तू अन्दर से भिकारी तो नही है

मैं ज़ात नही बात के नशे में हु प्यारे
इस वक़्त मुझे तेरी खुमारी तो नही है

तन्हा ही सही लड तो रही है वो अकेली
बस थक के गिरी है अभी हारी तो नही है

मजमे से उसे यु भी बहुत चिड है के जर्युन
आशिक है मेरी जान मदारी तो नही है

Waseem Barelvi Poem

Ali Zaryun Gazal Haalat Jo Hamari Hai

Halat jo hamari hai tumhari to nahi hai
Aisa hai to phir ye koi yaari to nahi hai

Jitni bhi bana li ho kama li ho ye duniya
Duniya hai to phir dost tumhari to nahi hai

Tehkeer na kar ye meri udhri huyi gathri ki
Jaisi bhi hai apni hai udhaari to nahi hai

Ye tu jo Mohabbat me sila maang raha hai
Ae shakhs tu andar se bhikari to nahi hai

Mai zaat nahi baat ke nashe me hu pyare
Is waqt mujhe teri khumari to nahi hai

Tanha hi sahi lad to rahi hai wo akeli
Bas thak ke giri hai abhi haari to nahi hai

Majme se use yu bhi bahut chid hai ke zaryun
Aashiq hai meri jaan madaari to nahi hai

Ali Zaryun आशिकों का शायर की शायरी आपको कैसी लगी comment में हमें बताये और अपने दोस्त और रिश्तेदारों के साथ share करना ना भूले.

Altaf Ziya Gazal In Hindi
Hindi Shayari Collection
Altaf Ziya Shayari

Tuesday, 7 May 2019

Tehzeeb Haafi Shayari Gazal Ham Ek Umra Isi Gam Me Rahe

Tehzeeb Haafi बहुत कम उम्र में शोहरत पाने वालो में एक है. तहज़ीब हाफी वो शायर है जो हर किसी को अपना दीवाना बना लेता है. जिस किसी ने भी Tehzeeb Haafi Ki Shayari Gazal सुन ली वो हाफी की शायरी का दीवाना होजाता है. तो चलीये हम पढ़ते है तहज़ीब हाफी की ग़ज़ल हम एक उम्र इसी गम में रहे.

tehzeeb haafi hindi shayari


तहजीब हाफी शायरी ग़ज़ल हम एक उम्र 

हम एक उम्र इसी गम में मुब्तला रहे थे
वो सान्हे ही नहीं थे जो पेश आ रहे थे

इसी लिये तो मेरा गाँव दौड़ में हारा
जो भाग सकते थे बेसाखियाँ बना रहे थे

मैं घर से बैठ कर पढता रहा सफर की दुआ
और उनके लीये जो मुझसे दूर जा रहे थे

मैं जानता हु तू उस वक़्त भी नहीं था वहा
ये लोग जब तेरी मौजूदगी मना रहे थे

वो काफ्ला तेरी बस्ती में रात क्या ठहरा
हर एक को अपनी पसंद के ख्वाब आरहे थे

बगैर पूछे ब्याहे गये थे हम दोनों
कुबूल कहते हुये होंठ थरथरा रहे थे

Waseem Barelvi Gazal

Haamid Bhusawali Gazal Ham Ek Umra Isi Gam

Ham ek umra isi gam me mubtala rahe they
Wo sanehe hi nahi they jo pesh aarahe they

Isiliye to mera gaanv daud me haara
Jo bhaag sakte they besaakhiyan bana rahe they

Main ghar me baithkar padhta raha safar ki duaa
Aur unke liye jo mujhse door ja rahe they

Main janta hu tu us waqt bhi nahi tha waha
Ye log jab teri maujudgi mana rahe they

Wo Qafla teri basti me raat kya thahra
Har ek ko apne pasand ke khwaab aa rahe they

Bagair puche byahe gaye they ham dono
Qubool kahte huye honth tharthara rahe they

दोस्तों आपको तहज़ीब हाफी की ग़ज़ल पसंद आई या नही comment में बताये और अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले.

Haamid Bhusawali Shayari In Hindi
Collection Of Hindi Shayari
Altaf Ziya Hindi Shayari

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