India's Top Hindi Blog For Quotes, Hindi Stories

Sunday, 23 September 2018

सुधर गया मोटू हाथी हिन्दी कहानी । Chidiya And Elephant Story In Hindi

Chidiya And Elephant Hindi Story

Elephant Hindi Story हम पढ़ चुके है last पोस्ट में हम ने Moral Story For Student पढ़ी। आज और हाथी और चुलबुल चिड़िया की कहानी ले कर आया हाथी की बहुत सी कहानियां आप ने पढ़ी होंगी but आपने ये Elephant Hindi Story नहीं पढ़ी होंगी।

Madhumakkhi Aur Haathi Ki Kahani

      एक जंगल में पीपल के पेड़ पर चुलबुल चिड़िया रहती थी। एक दिन मोटू हाथी ने उसका घोंसला तोड़ दिया घोंसले में रखे चुलबुल चिड़िया के दो अंडे टूट गये। चिड़िया बहुत उदास होगयी  उसने रोते रोते मोटू हाथी की कारस्तानी अपनी दोस्त रानी मधुमक्खी और कालू मेंडक को सुनाई। सब मीलकर सोचने लगे मोटू को कैसे सबक सिखाया जाये उसकी हरकतों से दुसरे प्राणी भी परेशान थे। अचानक रानी मक्खी को एक चाल सूझी उसकी चाल सबको पसंद आई और उसी वक़्त उस पर सब ने प्रक्रिया शुरु कर दि।
chidiya and elephant hindi story
Chidiya Aur Haathi Ki Kahani


Bachho Ki Kahani

      अगले दिन फिर मोटू हाथी अपनी बुरी हरकत करता हुआ पेड़ो को अपने पैरो से रोंदत हुआ जंगल से जा रहा था। वो जैसे ही रानी मधुमक्खी के छत्ते के पास आया रानी मक्खी के साथ दूसरी मधुमक्खियों ने मोटू हाथी पर हमला कर दिया। मक्खियों के हमले से मोटू हाथी भागने लगा मगर मक्खियों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। मध्मक्खी उसकी आँखों के पास डंक मारे जा रही थी और मोटू हाथी दर्द की वजह से आँख बंद करके इधर उधर भाग रहा था।

Children Hindi Story

     भागते भागते अचानक उसे मेंडक की आवाज़ सुनाई दी मेंडक की आवाज सुनकर मोटू हाथी बहुत खुश हुआ और उसने अनुमान लगाया की आसपास ही कही पानी होना चाहिये। मक्खियो के हमले से छुटकारा पाने के मोटू हाथी मेंडक के आवाज़ की तरफ दौड़ा और जैसे ही करीब पहुंचा उसने अपनी रफ़्तार और बाढा ली। आँखे बंद होने की वजह से उसे अहेसास हुआ की वहां तो पानी है ही नहीं वह तो दलदल में फंसा जा रहा है। सच्चाई जानने के लिए उसने किसी तरह से अपनी आँखे खोली तो उसने वास्तविकता में अपने आप को एक बड़े दलदल में पाया। तभी उसे चुलबुल चिड़िया मेंडक और रानी मधुमक्खी दिखाई दिये।

Haathi Ki Kahani

        उसे सच्चाई समझने में देर नहीं लगी। वो समझ गया की ये तीनो दोस्तों का काम है तीनो दोस्तों ने मिलकर उसे फंसाया है। वो गुस्से में चिल्लाया मगर मधुमक्खी के डंक की जलन और दलदल में फंसने की वजह से उसका बुरा हाल था। कुछ समय में जंगल के दुसरे पशु पक्षी भी वहां आ गये। मोटू हाथी ने उन सभी को वहां से निकालने के लिये कहा उसकी बात सुनकर कव्वे ने कहा हमें परेशान करने में तुम्हे मजा आता था अब खुद पर बीत रही तो क्यों रो रहे हो। हम तभी तुम्हे बाहर निकालेंगे जब चुलबुल तुम्हे माफ़ करदे। मोटू हाथी ने चुलबुल चिड़िया से रोते हुए माफ़ी मांगी। चुलबुल चिड़िया को उस पर दया आइ और उसने उसे माफ़ कर दिया।

       तब सभी जानवर ने मिलकर मोटू हाथी को बहार निकाला। उस दिन के बाद से सुधर गया मोटू हाथी और उसने किसी को नहीं सताया।

दोस्तों उम्मीद है आपको Chidiya Aur Haathi Ki Kahani पसंद आई होंगी इस Hindi Story को अपने दोस्तों के साथ share करना न भूले.

Wednesday, 19 September 2018

माँ ने लिया बेटे का इम्तिहान Hindi Story For Students With Moral

Hindi Story For Students

Moral Hindi Story हम पढेंगे हमने बहुत सी Moral Stories पढ़ी है आज हम Moral Story For Students पढेंगे आपको यह Moral हिन्दी कहानी For Students पढ़कर वो सीख मिलेंगी जो आपको ज़िन्दगी भर काम आएँगी. आप इस विद्यार्थियों के लिए मोरल हिन्दी कहानी को आखिर तक पढ़े और पसंद आने पर share करे.

Moral Hindi Story For Student

         एक दिन की बात है एक आदमी जंगल से जा रहा था उसे वहा एक बच्चा रोता हुआ दिखाई दिया। बहुत देर तलाश करने पर कोई ना दिखाई दिया तो वह उस बच्चे को लेकर अपने घर चला आया। उस बच्चे को अपने औलाद की तरह रखा उसके Education का ध्यान रखा लड़का खुद बहुत होश्यार था वह अपनी Class में प्रथम नंबर से पास होता था आखिर वह अपना Education पूरा कर के न्यायाधीश बन गया। उस लड़के की माँ ने उसका इम्तिहान लेना चाहा।
hindi-story-for-students
Insaaf quotes student story


       उस ने एक दिन भोजन Table पर 12 अंडे उबाल कर रखे। प्लान के अनुसार एक नौकरानी आई और एक अंडा खाकर चली गयी। जब ज़ज साहब खाने के लिए Table पर बैठे तो माँ ने कहा : देखो बेटे मैंने इस Table पर 12 अंडे उबाल कर रखे थे सिर्फ 11 बचे है एक अंडा कम है हमें पता करना चाहिए अंडा किसने खाया।

       जज साहब ने कहा अम्मी जान मुझे तो नौकरानियों पर शक हो रहा है! सब को बुलाया जाये। सबको बुलाया गया और एक से जज साहब ने कहा एक बरतन में पानी लाया जाये और एक बर्तन खाली। नौकरानी सभी वस्तु ले आई। जज साहब ने नौकरानियो को एक Line में खड़े किया और कहा एक एक आकर इस बर्तन में कुल्ली करे। कुछ नौकरानियों ने कुल्ली की और अब उसका नंबर आया जिसने अंडा खाया था। जैसे ही उस नौकरानी ने कुल्ली की बर्तन में अंडे के बारीक़ टुकड़े दिखाई दिये।

Best Hindi Story

        बेटे ने कहा : अम्मी जान इसने अंडा खाया है! माँ ने तुरंत कहा बेटा आप इसे सज़ा नहीं दे सकते क्यूंकि यह मेरी सबसे प्रिय नौकरानी है। जज साहब ने कहा अम्मी जान आपकी पसंदीदा हो या कोई और हो सज़ा तो मिलनी ही चाहिए। क्यूंकि इसने बगैर अनुमति के अंडा खाया है। अचानक माँ और नौकरानी हंसने लगे। बेटे ने चौंक कर पुछा आप क्यों हंस रहे है ? उन्होंने कहा : बेटा मैं तुम्हारा इम्तिहान ले रही थी और तुम इस इम्तिहान में पास हो गये।

       बेटा इसी तरह से निर्णय करना , बेकसूर लोगो को सजाएं मत दिलाना। मेरी दुआएं तुम्हारे साथ है। माँ की दुआ से अपनी लगन और इमानदारी से वह लड़का एक दिन बहुत बड़ा न्यायाधीश बना।

Moral Of Story For Student

      इस कहानी का Moral बताने की आवश्यकता मुझे तो नहीं लगती परन्तु बताता चलू हमें अपने मिशन के साथ साथ इमानदारी और लग्न के साथ काम करना चाहिए. हमें ऐसा वक़्त भी देखने को मिलता है की हमें इन्साफ की खातिर अपनों के खिलाफ निर्णय लेना पड़ता है और यही निर्णय लेना हमारी इस कहानी का Students के लिए Moral है.

     उम्मीद है दोस्तों आपको Hindi Story For Student With Moral पसंद आई होंगी हमें comment करके ज़रूर बताये और इसे अपने दोस्तों के साथ share करना न भूले. 

Sunday, 16 September 2018

साम्राज्य का नशा हाथी की कहानी Elephant Hindi Kahani With Moral

Moral Hindi Kahani इससे पहले हमने पढ़ी आज हम हाथी की हिन्दी कहानी With Moral पढेंगे उम्मीद है आपको यह हिन्दी कहानी बहुत पसंद आएँगी.

Haathi Ki Hindi Kahani With Moral

एक जंगल में बड़ा हाथी रहता था और उसी जंगल में दूसरी तरफ बहुत सारे गीदड़ रहते थे। जब हाथी जंगल में घूमता तो गीदड़ उसे देख कर ललचाते और दिल ही दिल में उसे खाने के मजे लेते। परन्तु उनकी हिम्मत ना होती इतने बड़े हाथी को किस तरह शिकार करे।
elephant-hindi-story
Elephant Hindi Story

साम्राज्य का नशा Hindi Story

       एक दिन गीदड़ एक जगह जमा हुए और हाथी को मारने की प्लानिंग करने लगे। आखिर में एक बूढ़े गीदड़ ने कहा तुम हाथी को मार कर खाने की सोच रहे हो मैं तुम्हे जिंदा हाथी खिलाऊंगा सारे गीदड़ उसकी यह बात सुनकर खुश हुये और उसे अपना लीडर बना लिया।


     रात को हाथी जंगल में घूम रहा था वही बुढा गीदड़ उसके पास आया और कहने लगा हम गीदड़ो ने आपको अपना बादशाह बनाने का निर्णय लिया है और आपकी हुकूमत में अमन से ज़ियेंगे। हाथी ने गीदड़ की बात सुनी और खुश होकर बोला हां हा मैं स्वीकार करता हु। चलो सब गीदड़ो से जाकर सलाह लेले। हाथी ख़ुशी ख़ुशी गीदड़ के साथ चल पड़ा।
     गीदड़ उसे ऐसे रास्ते से ले गया जिस रास्ते से दलदल था गीदड़ हल्का जानवर है वो दलदल पर कूद कर फलांग लगाता हुआ चल रहा था और हाथी फंसते जा रहा था। आखिर घुटनों तक दलदल में धंस गया। अब ना आगे चल सकता ना पीछे जा सकता था। हाथी ने चंगाड़ कर गीदड़ से कहा मैं फंस गया हु अब क्या करू ? गीदड़ बोल आप बहुत भारी है मैं अकेला कैसे आप को निकाल सकता हु! आप अनुमति दे तो मैं दुसरे गीदड़ो को बुला लाऊ।

Haathi Ka Shikar Hindi Kahani

     हाथी मरता क्या ना करता कहने लगा जल्दी से बुला लाओ गीदड़ ने आवाज़ लगाईं और कई गीदड़ वहां जमा हो गये। और हाथी हमला कर दिया और हाथी कुछ ना कर सका यहाँ तक हाथी का कुछ ही मिनटों में जान तो क्या शरीर भी नहीं बचा।

Funny Hindi Kahani


Moral : हमें इस कहानी से सीख मिलती है की हमें लालच नहीं करनी चाहिये। किसी के दो बोल सुन कर विश्वास नहीं करना पहले जांचे परखे फिर हमें निर्णय लेना चाहिये। कभी हम जल्द बाजी में आकर निर्णय ले लेते है और बाद में पछताना पड़ता है और किसी को तो पछताने का मौका भी नहीं मिलता।

     उम्मीद है दोस्तों आपको हाथी की कहानी बहुत पसंद आई होंगी. इस Hindi Story को अपने दोस्तों के साथ share करना न भूले. और हमें comment कर के बताये आपको यह कहानी कैसे लगी.

Friday, 7 September 2018

पर्यावरण बचाव Short Story On Save Trees With Moral In Hindi

Save Tress Short Moral Story In Hindi आज हम पढेंगे. इससे पहले हमने बहुत सी Hindi Stories पढ़ी है. आज आपके लिए Best Hindi Story लेकर आया हु ये कहानी आपको बहुत पसंद आएँगी अगर आपको पसंद आये तो Share करना ना भूले.

Short Story On Save Trees

                 मनुष्य के कदमो की आहट सुनते ही सारे जंगल में सन्नाटा छा गया खौफ के मारे पेड़ो की जान ही निकल रहि थी। कुल्हाड़ी की धार जब छोटे पेड़ पर पड़ी तो बड़े और मजबूत पेड भी डर गये। मनुष्य के हाथो जंगल का सफाया देख कर पक्षी भी दुखी हो रहे थे क्यूंकि उनके घर भी खत्म हो रहे थे। एक पेड़ पर बैठे तोते ने मैना से कहा : क्यों बगल में चोंच दबाये बैठी हो?
मैना : तुम्हे इन पडो के कटने का अहेसास नहीं है।

hindi-story-on-trees
Save Trees


तोता : अहेसास क्यों नहीं, इस गर्मी ने हमारे कितने भाइयो को मार दिया।
मैना : वो तो मैं भी देख रही हु लेकिन हमें कुछ तो करना ही पड़ेंगा।
तोता : ये मनुष्य कितना लालची बन गया सारा पर्यावरण बिगड़ने पर तुला है।
मैना : हां इस Pollution में सांस लेनी भी मुश्किल हो रही है।
तोता : सांस क्या जब से जंगल का कटाव शुरू हुआ है तब से मौसम भी आग बरसा रहा है।
मैना : और पानी भी खत्म हो रहा है।
तोता : परंतु कुछ ना कुछ तो सोचना ही पड़ेंगा।


मैना : वही तो मैं भी कह रही हु।
तोता : वो देखो कबूतर आ रहा है उससे पूछ लेते है ये हमेशा अच्छी सलाह देता है।
मैना : हां ठीक।
तोता : रुको रुको कबूतर भाई तुम से एक सलाह लेनी है।
कबूतर : अच्छा बताओ
तोता : वैसे तो आपको भी पता होंगा मनुष्य के हाथो पर्यावरण खराब हो रहा है।इस लिए इनको समझाने का कोई तरीका बताओ जिससे वो जंगल कांटने से भी रुक जाए और पेड़ भी लगाये।
कबूतर : कुछ देर सोचने के बाद! हमें इसे काम के लिए कौव्वे की मदद चाहिए।

तोता : किस लिये ?
कबूतर : वो जंगल से एक छोटा पौधा लायेंगा और मेरे साथ गाँव में चलेंगा।
मैना : इससे क्या होंगा ?
कबूतर : हम रोज़ इंसानों के आँगन में पौधा लेकर जायेंगे जैसे ही बच्चे खेलने के लिए बाहर आँगन में आयेंगे कौव्वा गढ़ा खोदेंगा और मैं उस गढ़े में पौधा लगा दूंगा।
तोता : क्या इस तरह से वे तुम्हारा Mission समझ पाएंगे ?
कबूतर : हां वे मेरे बहुत से इशारे समझता है और मुझे रोज़ दाने भी डालता है । जब हम कई दिनों तक करेंगे तो तो वो समझ जायेंगा शायद हो सके फिर से मनुष्य पेड़ लगाना शुरू करदे।

तोता : हां ये सुझाव अच्छा है !
मैना : अब जल्दी कौव्वे को बुलाओ फिर से हमारा पर्यावरण ठीक हो जाये।
कबूतर : मैं जा रहा हु और कौव्वे के साथ मिल कर ये अच्छा मिशन शुरू करूँगा।

           थोड़ी ही देर में कबूतर और कौव्वा चोंच में पौधा लिए गाँव की तरफ उड़ने लगे।तोता और मैना ख़ुशी से फडफडाने लगे। पक्षियों के इस पर्यावरण बचाओ मिशन में पेड़ भी खुश होने लगे।

Moral : इस Short Story On Trees With Moral In Hindi से हमें Moral मिलता  है की हमें पेड़ लगाना ही चाहिए हर व्यक्ति ने कम से कम एक पेड़ लगाना चाहिए. हर घर के आगे Trees लगाने चाहिए. Trees Pollution को ख़त्म करने में मदद करते है. तो हम ज़रूर Save Trees का प्रयास करेंगे.

               उम्मीद है दोस्तों आपको Save Trees Hindi Story With Moral पसंद आई होंगी हम हमेशा अच्छी कहानी लाने का पर्यास करते तो आपको अगर ये कहानी पसंद आई होंगी आप इस share करना ना  भूले इस कहानी को जितने लोग पड़ेंगे शायद वो भी हमारे और इस कहानी में बताये गए पक्षियों के Mission में जुड़ जाये आखिर में एक Request करूँगा Save Trees Save Environment

Saturday, 1 September 2018

Hindi Story For Childrens बच्चों के लिये प्रेरणादायक हिंदी कहानी

Children Story In Hindi इससे पहले हमने पढ़ी बहुत सी कहानियां हम पढ़ चुके है आज हम एक Best Hindi Story लेकर आये है जओ आपको बहुत पसंद आएँगी। आपको अगर यह कहानी पसंद आये तो इसे Share करना न भूले.

Hindi Kahani Childrens Ke liye

       एक 70 वर्ष की बूढीया दादी किसी गाँव में रहती थी वो अकेली थी लेकिन रुपियो की उसे कमी नहीं थी। क्यूंकि उसके पास सोने का अंडा देने वाली मुर्गी थी। वह अकेली थी उसका दिल बहुत बड़ा था वह अपने लिए एक ही अंडा रखती थी पुरे साल भर वह रोज़ मुर्गी का अंडा किसी गरीब को मदद करती थी। एक दिन उसके यहाँ एक छे साल की लड़की आई और वह भी अंडा लेकर चली गयी।
children-story-in-hindi
Golden Egg Hindi Story


       कुछ दिनों बाद बर्ड फ्लू नाम की एक बिमारी चली जिससे बहुत सी मुर्गियां मरी जिन में दादी की भी मुर्गी थी। दादी को बहुत सदमा हुआ क्यूंकि वह गरीब लोगो की मदद ना कर सकती थी। एक दिन वह अपने घर के दरवाजे में बैठी पुराने दिनों को याद कर रही थी जब उसके घर भीड़ लगी रहती थी आज उसके पास भी कुछ नहीं है। ऐसे में उसकी आँखों में आंसू आगये।

सोने का अंडा हिन्दी कहानी

       कुछ देर बाद उसे वही छोटी बच्ची दिखाई दी जो कुछ दिन पहले उसके पास से सोने का अंडा लेकर गयी थी। बच्ची ने कहा दादी अम्मा मुझे आपकी मुर्गी के मर जाने का पता चला तो बहुत रंज गम हुआ लेकिन आप परेशान न हो मेरे पास सोने का अंडा देने वाली बहुत सी मुर्गियां जिन्दी है। दादी ने पूछा आपके पास कैसे बच्ची ने कहा मैंने उस अंडे से मुर्गी बैठा कर  बच्चा निकाल लिया था। और मैं आधे अंडे गरीबो में बाँट देती हु और आधो पर मुर्गी बैठा कर बच्चा निकाल लेती हु। दादी यह सुनकर बहुत खुश हुयी। और बोली मैं तो बहुत बेवकूफ थी मैंने तो ऐसा सोचा तक नहीं। बच्ची बोली आपको गरीबो में बांटने से फुर्सत ही कहा। वैसे सारी मुर्गियां आपकी ही है आपको कहो तो सब ले आऊ। दादी ने कहा रहने दे बेटी मुर्गियां यहाँ रहे या वहां , गरीबो को मदद तेरे घर से हो या मेरे घर से कोई फर्क नहीं पड़ता एक ही बात है।


      बच्ची ने दादी को एक मुर्गी दी और अपने घर चली गयी। दादी ने भी बच्ची की तरह मुर्गी बैठा कर बहुत साड़ी मुर्गियां कर ली। एक साल बाद फिर वही बिमारी बर्ड फ्लू आई इस बार दादी के साथ बच्ची की भी सारी मुर्गियां मर गयी। बच्ची बहुत सदमे में थी परेशान थी तब दादी ने कहा : ना रो मेरी जान सोने का अंडा देने वाली मुर्गी फिर आजायेंगी।  मगर दादी कैसे आएँगी हमारे पास ना सोने का अंडा है ना मुर्गी।


      दादी ने बच्ची को एक बैग दिया और कहा इससे तुझे सोने का अंडा मिलेंगा और गोल्डन मुर्गी भी। बच्ची ने पूछा दादी यह क्या है ? यह स्कूल बैग है तू खूब दिल लगा कर पढ़ कर डिग्री लेकर टीचर बन कर अपना सोने का अंडा देने वाली मुर्गी खरीद ले। फिर तू बच्चो को पढ़ाकर उन्हें डॉक्टर ,वकील ,इंजिनियर , साइंटिस्ट बना फिर उन्हें किसी सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की ज़रूरत ही न पढ़े बल्कि वह खुद पारस बन जाये।

दोस्तों उम्मीद है आपको यह Children Hindi Story बहुत पसंद आई होंगी तो ज़रूर आप इस Story को  अपने दोस्तों के साथ share करे. और इस कहानी को अपने Childrens को ज़रूर सुनाये.


Thursday, 23 August 2018

Ragret Children Story In Hindi With Moral अफ़सोस बच्चो की कहानी

Childrens तो हर घर में होते है होना भी चाहिए अक्सर होता है बच्चो को कहानियाँ बहुत पसंद होती है इसलिए बच्चों को Stories सुनाते रहना चाहिये इन कहानियों से उन्हें बहुत कुछ Moral मिलता है. इससे पहले हमने हसद की आग Hindi Story पढ़ी जो बहुत अच्छी थी आज हम बच्चों के लिए बहुत अच्छी Moral Story पढेंगे.

अफ़सोस Children Story In Hindi

एक किरन नाम की लड़की थी। जो बहुत ही नट खट और शरारती थी। हमेशा वह अपने मन की करती थी वह अपने माता पिता की नहीं सुनती थी लेकिन पढने में आगे थी। उसके लिए उसकी फ्रेंड्स ही सब कुछ थी। बाकी लोगो को वो जैसे गिनते ही नहीं थी। अपने टीचर्स की चाहिती थी। जब वो छट्टी sixth क्लास में गयी तो उसने नया ड्रेस बनाया। उसने और उसकी सहेलियों ने 15 ऑगस्ट को नया Uniform पहनने का प्लान बनाया।

children-story-in-hindi-with-moral
Children story in hindi

     अचानक 14 ऑगस्ट को बहुत बारिश होगई सुबह तक बारीक बुँदे आ ही रही थे। सवेरे अम्मी ने कहा किरन आज पुराना ड्रेस ही पहन लो कीचड़ में खराब हो जायेंगा। लेकिन वो किरन ही क्या जो मान ले। कहने लगी " अम्मी मैं यूनिफार्म का ध्यान रखूंगी हम सब सहेलियां आज नया ड्रेस पहनने वले है और मैं भी नया ही पहनूंगी".

         स्कूल पहुँच कर किरन ये देखकर हैरान रह गयी के जिन सहेलियों के साथ मिलकर यूनिफार्म नया पहनने का प्लान बनाया वो सब पुराने यूनिफार्म पहन कर आई थी। किरन ने सवाल किया तो बताया की हम बेवकूफ थोड़ी है जो नया यूनिफार्म बारिश और कीचड़ में पहन कर खराब करे। हर लड़की उसे बेवाकुफ कह रही थी और वो अपने आंसू पिए जा रही थी।
       किरन जब प्रोग्राम के ख़त्म होने पर अपने बेंच से उठकर जाने लगी तो उसके फ़्रोक का एक हिस्सा अटक कर फट गया। किरन बहुत रोई और दिल में उसे माँ की बात याद आती 'बेटा नया यूनिफार्म आज मत पहन कर जाओ '। उस दिन से किरन ने पक्का इरादा किया अब अम्मी की बाते हमेशा मानेंगी।

Moral : बच्चो एक बात हमेशा याद रखना हर कहानी का Moral सीख याद रखना इस कहानी का Moral यही है की हमने हमेशा अपने माता पिता का कहना मानना चाहिये वरना बाद में हमें पछताना पड़ता है.

Note : दोस्तों यह Children StoryIn HIndi With Moral कैसी लगी Comment करके बताये और अगर आपको पसंद आई तो Share करना ना भूले 

Tuesday, 14 August 2018

बादशाह के दरबार की कहानी हसद की आग Hindi Story

कौव्वे की Hindi Story मुझे लगता है आप नही भूले होंगे भूलना भी नही चाहिए थी ही वो Interesting Hindi Story आज हम इस कहानी के माध्यम से Acidity जलन का अंजाम पढेंगे. इस Hindi Story में Acidity का दूसरा जानेंगे. आखिर तक इस कहानी को पढ़े बहुत मजेदार कहानी है.

हसद की आग Hindi Story

           बहुत पुरानी बात है बादशाह के दरबार में एक मछेरा मछली लेकर आया मछली का वजन 4 किलो के करीब था। बादशाह ने मछेरे को चार हज़ार दिरहम देने का हुक्म दिया। बादशाह के नौकर को ये देखकर जलन होगई और उससे रहा नही गया कहने लगा : बादशाह सलामत आप इस मछली के बदले चार हज़ार दीरहम दे रहे है ? फिर कहा आप उसे बुलाइये मैं उससे सवाल करना चाहता हु।



         मछेरे को बादशाह ने बुलवाया नौकर ने पुचा : ये मछली नर है या मादा? शायद उसका मकसद था यह नर कहेंगा तो मैं मादा मछली के फायदे बताऊंगा और मादा कहेंगा तो नर के। लेकिन मछेरा बड़ा चालाक था उसने कहा ये नर ना मादा यह तो दोनों के बीच की मछली है और इसके बहुत फायदे है। बादशाह ने कहा इसे और चार हजार दिरहम दिए जाये मछेरा ख़ुशी में मस्त था और नौकर जलन की आग में जल रहा था।

            मछेरा जैसे ही जाने लगा उसके हाथ से एक दिरहम गिर गया उसे उठाने के लीये वह झुका यह बादशाह के दरबार के खिलाफ था तो नौकर को एक और चांस मिल गया नौकर ने जल्दी से कहा बादशाह सलामत यह आदमी कितना घटिया है आपने इसे इतना इनाम दिया फिर भी ये एक दिरहम के लिए बे अदबी पर उतर आया।



                        बादशाह ने मछेरे को बुलाया और कहा तूने ये घटिया हरकत क्यों की ! मछेरे ने कहा बादशाह सलामत मुझे अच्छा नहीं लगा आपकी तस्वीर जमीन पर पढ़ी रहे इसलिए मैंने इसे उठाकर जेब में रख लिया। बादशाह ने हुक्म जारी किया इसे और चार हजार दिरहम दीये जाये। दूसरी तरफ नौकर का हाल जलन से बुरा था और अपने दांत पीसते रह गया। मछेरे ने कहा तुम अपनी आग में जलते रहो जब तक अपने दिल में जलन रखोंगे चैन से नही रहोंगे।

उम्मीद है दोस्तों आपको यह कहानी बहुत पसंद आई होंगी तो Share करना ना भूले.


Popular Posts

Recent Posts

Follow by Email